धतूरिया में चल रही श्रीमद भागवत कथा के छठे सोपान में गौसेवक संत पं.प्रभुजी नागर ने कहा कि जिसे अपनी भूल नजर आती है, उसे भगवान भी नजर आ जाएंगे। अपना समय और सम्पत्ति भगवान को सौंपकर देखो। जब अंत समय में यहाँ से जाओगे तो आपकी आत्मा पुण्य से भरी रहेगी। याद रखें कि धर्म का काम हिसाब जोड़ने से नहीं होता है, भगवान के आगे हाथ जोडने से होता है।