सामाजिक कार्यकर्ता भाकरसिंग सोलंकी ने बताया खेतों में बास की टहनी और मटकी आदि लगाते हैं। ताकि फसल का अच्छा उत्पादन हो। इसे उज्जवल करना कहते हैं। आदिवासियों का मानना है कि ऐसा करने से फसल निरोगी रहती है। कोई बुरी नजर फसल को नहीं लगती है। पूजापाठ के बाद घर के बाहर बनाया खाना सब परिवार मिलकर खाते हैं। इस प्रकार आदिवासी समाज में पारंपरिक त्योहार मनाए जाते हैं।