होली के पावन त्योहार के अवसर पर जिले की स्वसहायता समूहों की महिलाओं ने रसायन मुक्त केमिकल-फ्री प्राकृतिक गुलाल बनाकर एक अनूठी पहल की है। फलों, सब्जियों और फूलों से तैयार किया गया यह गुलाल न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।