ग्रामीण अम्बाराम पोलाया ने बुधवार दोपहर दो बजे सोशियल सोशियल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुवे बताया की शाशन की योजनाएं बनीं, बजट आया, लेकिन नलों में पानी नियमित नहीं मिलने से मजबूरन गांव की महिलाओं को पानी के लिए जंगल और दूर के इलाकों में जाना पड़ रहा है।