यह धार्मिक आयोजन विगत वर्ष आयोजित हुए 18 पुराण महायज्ञ की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में संपन्न किया जा रहा है। कथा के दौरान भजन-कीर्तन और मधुर संगीत ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आज शनिवार को कथा के अंतर्गत भक्ति चरित्र एवं भगवान शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का अत्यंत रोचक और भावनात्मक वर्णन किया गया। शिव विवाह की कथा सुनकर श्रोता भक्ति में लीन हो गए