रंगों का पर्व होली के मौके पर बुधवार को 4 बजे दिन में ग्रामीण इलाकों में लोगों ने झाल मजीरा करताल की धुन पर बाबा हरिहरनाथ.. होली खेले रघुवीरा अवध में होली खेले रघुवीरा.. पनिया लाले लाल... सहित कई पारंपरिक होली गीत गाकर हुए जमकर झूमे। होली गीत गाते हुए डॉ. सतनारायण पासवान ने बताया कि युवा पीढ़ी में पारंपरिक होली गीतों रुचि नहीं ले रहे हैं।