मेदिनीनगर (डालटनगंज): झारखंड में अबुआ राज के बाद भी गरीब आर्थिक तंगी से दूधमुंहे बच्चे को बेचने पर मजबूर: झारखंड क्रांति मंच
झारखण्ड क्रांति मंच के संस्थापक अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने सोमवार दोपहर 1 बजे प्रेस बयान जारी कर कहा है कि जिन सपनों को लेकर 25 वर्ष पहले अलग राज्य का निर्माण हुआ था, उसका लाभ तो कारपोरेट घराने, राजनेता, नौकरशाह, ठेकेदार, कोटेदार तो उठाते रहे, लेकिन गरीब आम आदमी को आज भी नवजात दुधमुंहे बच्चे को बेचकर इलाज कराने को मजबूर होना पड़ रहा है।