आज के समय में जहां अधिकांश युवा खेती-किसानी से दूर होकर शहरों में नौकरी की तलाश करते हैं, वहीं ठिकरिया कस्बे के अनुकूल मेहता ने एक अलग राह चुनकर मिसाल पेश की है। MBA की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने विदेशी बैंक में अच्छी सैलरी वाली नौकरी की, लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने स्वरोजगार को अपनाने का फैसला किया और डेयरी फार्मिंग की शुरुआत की।