बेजुबानों के लिए असुरक्षित बनता जा रहा मिशन चौक, एक और बेजुबान सड़क पर मौत लीजिए, फिर याद दिलाना पड़ रहा है। फिर समझाना पड़ रहा है। फिर वही तस्वीर दिखानी पड़ रही है। क्योंकि गोड्डा में कुछ भी बदलता नहीं—सिवाय हादसों की गिनती के।एक बार फिर वही दृश्य। एक बार फिर वही जगह। और एक बार फिर वही चुप्पी। हम बताते हैं, समझाते हैं, दिखाते हैं—लेकिन लगता है गोड्डा की व्