एक ओर जहां जिला प्रशासन राजस्व बढ़ाने और आधारभूत संरचनाओं के विकास के दावे करता है, वहीं दूसरी ओर जिले का एक करोड़ रुपये से अधिक राजस्व देने वाला लोहरदगा साइडिंग बस स्टैंड वर्षों से बदहाली का दंश झेल रहा है। शुक्रवार दोपहर लगभग 2:30 बजे स्थल निरीक्षण के दौरान बस स्टैंड की स्थिति बेहद चिंताजनक पाई गई।