उन्होंने मुंबई में उपचार के दौरान अपना देह त्यागा। उनके ब्रह्मलीन होने का समाचार मिलते ही देशभर में फैले उनके अनुयायियों और श्रद्धालुओं में शोक है। आश्रम से जुड़े लोगों के अनुसार, स्वामी जी पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे और मुंबई के अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। ब्रह्मलीन होने के बाद उनके पार्थिव शरीर को मुंबई के बदलापुर स्थित आश्रम ले जाया गया है। वहां के