शेखपुरा: चिराग ने बहनोई को सौंपी सीट, अर्चना रविदास के चुनावी मैदान में आने से लड़ाई रोचक पर संसाधन के मोर्चे पर अरुण भारती आगे
जमुई की लड़ाई स्थानीय पढ़ी-लिखी अर्चना रविदास के चुनावी मैदान में आने से जितनी रोचक हो गई है उतनी ही उनके लिए परेशानी उनके पति का यादव होना है। कारण कि इस क्षेत्र में पिछले 3 दशक से यादवों और राजपूतो की राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई में रविदास समुदाय पिसता रहा है। दोनों तरफ से इस वोट की अपेक्षा रहती है पर सुविधा देने और उनकी बात सुनने में उपेक्षा का भाव रहता आया।