सनावद शहर की राधाकृष्ण बाहेती कॉलोनी में आयोजित संगीतमय सप्तदिवसीय श्री शिवमहापुराण कथा के दूसरे दिन कथा वाचक पंडित देवेंद्र शास्त्री ने कहा कि शिव साधना हैं,ध्यान हैं और योग भी हैं। साथ ही, इससे परे भी है। शिव को समझने का अर्थ है खुद का रूपांतरण। योगी शिव भौतिक से आत्मिक यात्रा का संदेश देते हैं। शरीर, मन और बुद्धि से आत्मा की यात्रा हैं शिव।