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यश पाल गाहल्याण

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नमः शिवाय नमः शिवाय नमः शिवाय
मत्स्यासन <nis:link nis:type=tag nis:id=योगासन nis:value=योगासन nis:enabled=true nis:link/> विज्ञान
पवन मुक्तासन के लाभ व सावधानियां
लाभ 
दिमाग को शांत रखे ,
पेट के अंगो व थायराइड ग्रंथि को उत्तेजित करे ,
तनाव व थकान कम करे ।।
सिद्धासन
लाभ
मूलाधार चक्र जाग्रत करने में सहायक ,
प्रजनक हार्मोनों के स्त्राव को नियंत्रित करता है ,
चक्रों में प्राण प्रवाह संतुलित करता है ।।
सर्वांगासन

गलग्रंथि ठीक करता है ,
हाथों व कन्धों को मज़बूत बनाता है ।
चक्रासन
लाभ

आंतरिक अंगों और सम्पूर्ण ग्रन्थियों के तंत्र को शक्ति देता है । 
यह आसन पीठ, बाजू और टाँगों की मांसपेशियों को मजबूत करता है। 
यह शरीर को सुडौल बनाता है ।
त्रिकोणासन
स्लिप्ड डिस्क , सायटिका वाले ना करें
लाभ
मेरुदंड को लचिला बनाता है
पिंडली जांघों को मजबूत करता है
फेफड़ों की कार्यक्षमता है बढाता है ।।
पश्चिमोत्तानासन 
देखरेख में करें ।
शरीर की स्थूलता कम करें (मोटापा)
रीढ़ की हड्डी चुस्त रहे
शक्तिपान मुद्रा
बौद्धिक विकास में सहायक
तृतीय नेत्र जागृत करने में सहायक
आधे सिर का दर्द दूर करे ।।
नर भी तू , तू ही नारी भी ,
ॐ भी तू , तू त्रिपुरारी भी ।।

नृत्य भी है, तू संगीत भी ,
पालक भी है जगमीत भी।।
पृथ्वी मुद्रा
बालों की समस्या से निजात 
शरीर की अतिरिक्त गर्मी को शांत करे
रक्त प्रवाह बेहतर होगा ।।
योनि मुद्रा
महिलाओं के लिए रामबाण
पीरीयड्स को संतुलित रखे
ब्लडप्रेशर नियंत्रित रखे
ऊर्जा को बढ़ाए ।।
कुबेर मुद्रा
आत्मविश्वास जगाए , तनाव से मुक्ति दिलाए
समृद्धि के देवता कुबेर प्रसन्न होते हैं
सायनस की समस्या व सिर दर्द से मुक्ति।।
अदीति मुद्रा
जुकाम , छींक व उबासी से मुक्ति
वजन बढाने में सहायक
विषैले पदार्थ शरीर से बाहर निकाले ।।
वरुण मुद्रा
त्वचा के रोगों में लाभकारी
खून शुद्ध करे
अत्यधिक पसीने को नियंत्रित करे ।।
लिंग मुद्रा
स्फुर्ति एवं उत्साह का संचार करे
समस्त यौन रोगों की अचूक दवा
शरीर में गर्मी लाए ।।
चिन्मय मुद्रा
पेट संबंधी विकारों में लाभकारी
पाचन ठीक करे
ऊर्जा का संचार करे ।।
आदि मुद्रा।
फेफड़ों के लिए उत्तम अभ्यास
शरीर में आक्सीजन का स्तर ठीक रखे
नर्वस सिस्टम के लिए उपयोगी ।।
सूर्य मुद्रा

मोटापा घटाए
कोलेस्ट्रॉल घटाए
आलस्य दूर करे ।
वायु मुद्रा
शरीर में वायु तत्व को नियंत्रित करे
बेचैनी व चिंता को कम करे
हार्मोन की अतिसक्रियता को कम करे।
मृगी मुद्रा।।

सिर दर्द , मानसिक परेशानी में लाभदायक
बुद्धि के विकास में सहायक।।
मृतसंजीवनी  मुद्रा ।।

हृदय रोगों में लाभकारी ।।
शंख मुद्रा
वाणी संबंधी दोष दूर करे
वाणी की मधुरता बढ़ाए
नाभी चक्र जाग्रत करने में सहायक।
समान मुद्रा
पांचो तत्वों को उन्नत व सम करती है
पाचन के लिए लाभकारी ।