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BABLU SINHA

@bablusinha462
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दाल बाटी चूरमा......
वो दिखा रहा था जिंदगी से उसकी लड़ाई , 
लोगों ने तमाशा समझा और ताली बजा दी ।।
उत्तर प्रदेश -
अलीगढ़ में ऑडी ने पहले बाइक में टक्कर मारी, फिर सड़क पर गिरे युवक को कुचल दिया। यह ऑडी BJP के पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी देवराज सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है।
एक झटके में लड़के ने सारा ड्रामा का पोल खोल दिया।
सस्पेंड हो गया दरोगा जी।
पीट गया....
बदलता बिहार
SDO और DSP पर पूजा समिति के वोलेंटियर को थप्पड़ मारने का आरोप,दुर्गा पूजा पंडाल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।

स्थान: सोहसराय, बिहारशरीफ, नालंदा
रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो।
रावण के ऊपर चप्पल चला दिया..
रावण है कोई सड़क छाप चोर नहीं.....
प्रधानमंत्री मोदी ने रावण को इस तरह जला दिया.... देखते रह गए राम.
दशहरा मेले में बेहोश हुई युवती के लिए फरिश्ता बने डेहरी SDM नीलेश कुमार अपनी सरकारी गाड़ी से पहुंचाया अस्पताल।
संघर्ष बड़े है.... डटना जरूरी है।
गया जिले के आमस में 41 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ दो आरोपियों की गिरफ्तारी ।
जेडीयू MLC प्रत्याशी नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ी, पटना मेदांता के ICU में भर्ती।
अरवल की धरती पर दो ऐसे पुलिस अधिकारी, जिनके तबादले पर लोगों की आंखें हो गई थीं नम।

आईपीएस मोहम्मद कासिम और एसडीपीओ राजीव रंजन ने पुलिस-पब्लिक के रिश्ते को दी थी नई पहचान, 

आज भी अपराध पर अंकुश लगाने की मिसाल के रूप में याद किए जाते हैं दोनों अधिकारी

अरवल की पुलिसिंग के इतिहास में कुछ चेहरे ऐसे होते हैं, जो अपने पद से हटने के बाद भी लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाए रखते हैं। उनके काम की चर्चा केवल सरकारी फाइलों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि गांवों की चौपालों, बाजारों और आम लोगों की बातचीत में भी होती है। अरवल के लिए आईपीएस मोहम्मद कासिम और एसडीपीओ राजीव रंजन ऐसे ही दो नाम हैं, जिन्हें आज भी लोग सम्मान के साथ याद करते हैं। इन दोनों अधिकारियों ने अपने कार्यकाल के दौरान पुलिस और पब्लिक के बीच ऐसा भरोसा कायम किया था, जो किसी भी जिले की कानून-व्यवस्था के लिए सबसे बड़ी ताकत होती है। आम लोगों को यह विश्वास होने लगा था कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए है और अपराध करने वालों पर कार्रवाई होगी। यही भरोसा इन अधिकारियों की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है। कहा जाता है कि इनके कार्यकाल में अरवल में अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में उल्लेखनीय काम हुआ था। छोटी-मोटी चोरी की घटनाओं से लेकर गंभीर आपराधिक मामलों तक, अपराधियों के बीच पुलिस का खौफ और आम लोगों के बीच सुरक्षा का विश्वास चर्चा का विषय बना रहता था। लोगों को उम्मीद थी कि पुलिस की यही सक्रियता और सख्ती आगे भी जारी रहेगी। लेकिन जब दोनों अधिकारियों का तबादला हुआ, तो लोगों की भावनाएं खुलकर सामने आईं। विदाई के समय कई घरों में चूल्हे नहीं जले और लोगों की आंखें नम हो गईं—यह बात आज भी उनके प्रति लोगों के लगाव को बयां करने के लिए कही जाती है। किसी पुलिस अधिकारी के तबादले पर आम लोगों का इस तरह भावुक होना अपने आप में बताता है कि उसने जनता के बीच किस तरह का विश्वास अर्जित किया होगा।

तबादला हुआ, लेकिन लोगों के दिलों से नहीं मिटे नाम

सरकारी सेवा में तबादला एक सामान्य प्रक्रिया है। अधिकारी आते हैं और फिर दूसरे स्थान पर अपनी जिम्मेदारी संभालने चले जाते हैं। लेकिन सभी अधिकारी जनता के दिलों में स्थायी जगह नहीं बना पाते। आईपीएस मोहम्मद कासिम और एसडीपीओ राजीव रंजन के प्रति अरवल के लोगों का लगाव इसी अंतर को दिखाता है।आज भी जब अरवल में अपराध पर नियंत्रण, पुलिस की सक्रियता और जनता के साथ बेहतर संबंधों की चर्चा होती है, तो इन दोनों अधिकारियों का उदाहरण दिया जाता है। लोग इनके कार्यकाल को याद करते हुए कहते हैं कि पुलिस की असली ताकत केवल वर्दी, पद या अधिकार में नहीं, बल्कि जनता के विश्वास में होती है।इन दोनों अधिकारियों की कहानी यह संदेश भी देती है कि कानून का सख्ती से पालन कराने के साथ-साथ जनता के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए, तो पुलिस और समाज के बीच की दूरी कम हो सकती है। अपराधियों के मन में कानून का भय और आम लोगों के मन में पुलिस के प्रति भरोसा—यही बेहतर पुलिसिंग की पहचान है।अरवल के लिए वे केवल अधिकारी नहीं, भरोसे की पहचान बन गए। वक्त बीत गया, जिम्मेदारियां बदल गईं और दोनों अधिकारी दूसरे स्थानों पर चले गए, लेकिन उनके काम की यादें आज भी लोगों की जुबान पर हैं। यही किसी अधिकारी के कार्यकाल की सबसे बड़ी कसौटी है कि उसके जाने के बाद भी लोग उसे याद करें और उसके काम को उदाहरण बनाकर पेश करें।
कुछ चेहरे पद से पहचाने जाते हैं, लेकिन कुछ अपने काम से इतिहास में जगह बना लेते हैं। अरवल के लोगों की यादों में आईपीएस मोहम्मद कासिम और एसडीपीओ राजीव रंजन की पहचान ऐसे ही अधिकारियों के रूप में बनी हुई है।
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने वाला बिहार का बेगूसराय का रहने वाला, परिजनों ने बताया,नाम पता सही, लेकिन तस्वीर असली नहीं।
CJP फाउंडर ने क्या कहा....... 56 इंच का छोटा बंदर को
6 years later 🗓⏳👣
देश के लोग सावधान रहें ज्ञानेश का मुद्दा से भटकाने केलिए देश में कुछ भी करा सकते हैं ये लोग।
इक्वाडोर के ग्वायाकिल शहर के एक चर्च में शनिवार को पादरी के सिर पर लकड़ी का भारी क्रूस गिर गया... जिससे उनकी मौत हो गई है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है...
ABP News  कटघरे में।

लोकगीत गायिका नेहा सिंह राठौर को कथित सेक्स रैकेट से जोड़कर खबर प्रकाशित किए जाने के मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग के अनुसार, संबंधित समाचार नेटवर्क ने सार्वजनिक आलोचना के बाद खबर को तथ्यात्मक रूप से गलत स्वीकार करते हुए माफी भी मांगी है।

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजय रहाटकर ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से कहा है कि वह संबंधित नियामक संस्थाओं, प्रशासनिक निकायों और मीडिया के स्व-नियामक संगठनों के माध्यम से मामले में तत्काल और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करे।

आयोग ने प्रेस परिषद, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया निगरानी केंद्र, न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन और डिजिटल पब्लिशर्स कंटेंट ग्रीवेंस काउंसिल जैसी संस्थाओं के माध्यम से सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है।

आयोग ने संबंधित पक्षों से 15 दिनों के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। साथ ही महिलाओं के खिलाफ चरित्रहनन, डिजिटल उत्पीड़न और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री पर रोक लगाने के लिए प्रभावी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि मीडिया की स्वतंत्रता के साथ तथ्यात्मक सटीकता, महिलाओं की गरिमा, निजता और प्रतिष्ठा का सम्मान भी जरूरी है।
मुंबई में जंगल राज टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग का नया वीडियो।
Rahul Gandhi ने खुले मंच से कहा Narendra Modi वोट चोर है।
अलबला गए विधायक जी - अभिषेक रंजन