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बोकारो में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का भव्य स्वागत, जिला प्रशासन ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के बोकारो आगमन पर एयरपोर्ट परिसर में जिला प्रशासन की ओर से उन्हें भव्य गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री के स्वागत समारोह के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को गरिमामय बना दिया।
पुलिस आई लव यू रांची आई लव यू रांची पुलिस हमारे साथ है अंदर की बात है और भी आगे देखिए क्या-क्या होता है इस वीडियो को देखकर मजा आ जाएगा आपको
झारखंड बंद के दौरान BJP का जोरदार प्रदर्शन! पुलिस से धक्का-मुक्की, तीखी झड़प के बीच बढ़ा सियासी पारा

झारखंड बंद के दौरान छात्रों के समर्थन में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की, तीखी नोकझोंक और झड़प देखने को मिली। दोनों पक्षों के बीच कुछ देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा, जबकि पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी रही। छात्रों की मांगों को लेकर प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आखिर पूरे घटनाक्रम के दौरान क्या-क्या हुआ, किस बात पर विवाद बढ़ा और मौके पर हालात कैसे बने? देखिए इस रिपोर्ट में पूरी खबर।
तबीयत नाजुक, लेकिन हौसला बुलंद! देवेंद्र नाथ महतो स्ट्रेचर पर पहुंचे विधानसभा मार्च, समर्थकों का भारी हुजूम, पुलिस से तीखी नोकझोंक
रांची से लौट रहे छात्रों के लिए बड़ी राहत!
जिला प्रशासन की मानवीय पहल, सुरक्षित घर वापसी के लिए परिवहन और हेल्पलाइन की व्यवस्था

रांची: छात्र आंदोलन में शामिल होने के लिए दूसरे जिलों से रांची पहुंचे छात्रों की सुरक्षित और सुविधाजनक घर वापसी सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष पहल की है। आंदोलन समाप्त होने के बाद छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रशासन ने बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और नजदीकी जिलों के लिए आवश्यकतानुसार परिवहन की व्यवस्था की है।

जिला प्रशासन का कहना है कि कोई भी छात्र अकेला या असहाय महसूस न करे। इसी उद्देश्य से परिवहन संबंधी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 9162738438 जारी किया गया है। दूसरे जिलों से आए छात्र इस नंबर पर संपर्क कर प्रशासन से आवश्यक सहयोग प्राप्त कर सकते हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि "छात्र हमारे अपने हैं, उनकी सुरक्षा, सुविधा और सकुशल घर वापसी हमारी प्राथमिकता है।" किसी भी छात्र को परिवहन या अन्य सहायता की आवश्यकता होने पर प्रशासन हरसंभव मदद उपलब्ध कराएगा।

जिला प्रशासन ने सभी छात्रों से शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से अपने घर लौटने की अपील की है और किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर हेल्पलाइन नंबर 9162738438 पर संपर्क करने का अनुरोध किया है।

 IPRD Jharkhand | Office of Chief Minister, Jharkhand | Ranchi District Administration | Ranchi Police
विधानसभा घेराव के बाद प्रशासन की दो टूक! "शांति से करें आंदोलन, उपद्रव पर होगी सख्त कार्रवाई"

रांची डीसी-एसएसपी की संयुक्त प्रेस वार्ता, 14 से अधिक पुलिसकर्मियों के घायल होने का दावा; बाहर से आए छात्रों की सुरक्षित वापसी में प्रशासन देगा सहयोग।
🚨 अन्याय भाई को मिल गया न्याय 😂
छात्र आंदोलन में घुसा था 'अन्याय भाई'
झारखंड विधानसभा के बाहर हाई वोल्टेज ड्रामा! बैरिकेडिंग टूटी, वाटर कैनन चला, आंसू गैस के गोले दागे गए

रांची में छात्र आंदोलन उग्र! विधानसभा मार्च के दौरान पुलिस की सख्ती, कई छात्र घायल होने की सूचना
रांची जिला प्रशासन और छात्रों के बीच कोई बातचीत को लेकर के छात्र प्रतिनिधिमंडल मंत्रिमंडल और तमाम नेताओं से बातचीत करेंगे खुल के देखी लाइव
🚨 विधानसभा घेराव से पहले रांची हाई अलर्ट!
JPSC-JSSC-CGL अभ्यर्थियों के ऐलान के बाद कंटीले तार और बैरिकेडिंग से कड़ी सुरक्षा

रांची: JPSC, JSSC और CGL परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों ने जयपाल सिंह स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक तिरंगा यात्रा निकाली। बड़ी संख्या में शामिल अभ्यर्थियों ने निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया और अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

छात्र संगठनों ने 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा घेराव का आह्वान किया है। प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विधानसभा क्षेत्र के आसपास बैरिकेडिंग, कंटीले तार और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। प्रशासन का कहना है कि ये कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाए गए हैं, जबकि प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
🚨 विधानसभा घेराव से पहले रांची हाई अलर्ट!
JPSC-JSSC-CGL अभ्यर्थियों के ऐलान के बाद कंटीले तार और बैरिकेडिंग से कड़ी सुरक्षा
JPSC-JSSC घोटाले पर जयराम महतो का अल्टीमेटम!
निर्जला अनशन से हेमंत सरकार को खुली चुनौती, बोले—"छात्रों के साथ न्याय नहीं हुआ तो होगा उग्र आंदोलन"
महतो की शहादत पर जमशेदपुर पहुंचे जयराम महतो, छात्र आंदोलन पर दिया बड़ा बयान
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जमशेदपुर में निर्मल महतो की शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे जयराम महतो ने छात्र आंदोलन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज़ को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। जयराम महतो ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए और आंदोलन कर रहे छात्रों से सकारात्मक संवाद करना चाहिए।
सरकार से पहली वार्ता के बाद भी JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी, बोले—“मांगें पूरी होने तक नहीं रुकेंगे”
JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच सरकार से पहली वार्ता, सकारात्मक माहौल में हुई बैठक
रांची में स्याही से सियासत तक: नेहा बोरा पर हमला, JPSC-JSSC आंदोलन में बढ़ा टकराव

विधानसभा मार्च के दौरान AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर फेंकी गई स्याही, युवक हिरासत में; छात्रों के परीक्षा और भर्ती व्यवस्था से जुड़े सवालों के बीच घटना ने आंदोलन को दिया नया मोड़

रांची। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन शुक्रवार को उस समय अचानक सुर्खियों में आ गया, जब विधानसभा मार्च के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकी गई। घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया।

नेहा बोरा छात्रों के आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली से रांची पहुंची थीं। आंदोलन के केंद्र में JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता जैसे सवाल हैं। छात्रों का आंदोलन कई दिनों से जारी था और शुक्रवार को विधानसभा की ओर मार्च का कार्यक्रम रखा गया था।

स्याही गिरी, लेकिन सवाल और गहरे हो गए

विधानसभा की ओर बढ़ रहे प्रदर्शन के दौरान अचानक नेहा बोरा पर स्याही फेंकी गई। घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर हलचल बढ़ गई। पुलिस ने स्याही फेंकने वाले युवक को हिरासत में लिया। मीडिया रिपोर्टों में उसकी पहचान अमरनाथ पांडेय के रूप में की गई है।

हिरासत में लिए जाने के दौरान युवक ने नारे भी लगाए। कुछ रिपोर्टों में उसके द्वारा नेहा बोरा के राजनीतिक विचारों को लेकर लगाए गए आरोपों का उल्लेख है। हालांकि, ये आरोप आरोपी के बताए हुए कारण हैं; उनकी स्वतंत्र पुष्टि को तथ्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।

असल मुद्दा स्याही नहीं, छात्रों का भविष्य

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर झारखंड के युवा लगातार परीक्षा और भर्ती व्यवस्था को लेकर सड़क पर क्यों हैं?

JPSC और JSSC की परीक्षाओं से जुड़े कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर छात्रों में लंबे समय से नाराजगी है। आंदोलनकारी छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और अपने भविष्य को लेकर स्पष्ट समाधान की मांग कर रहे हैं।

ऐसे में नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने की घटना ने आंदोलन के मूल मुद्दों के ऊपर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।

नेहा बोरा का संदेश—स्याही से आंदोलन नहीं रुकेगा

घटना के बाद नेहा बोरा ने इसे आंदोलन को दबाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई छात्रों के सवालों को खत्म नहीं कर सकती। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने स्याही को भी आंदोलन के संघर्ष के प्रतीक के तौर पर पेश किया।

सरकार और छात्रों के बीच बातचीत की कोशिश

घटना के बीच झारखंड सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत भी हुई। इससे यह संकेत मिला कि सरकार और छात्रों के बीच संवाद का रास्ता खुला है। हालांकि, आंदोलन के मूल मुद्दों का स्थायी समाधान बातचीत और ठोस फैसलों पर निर्भर करेगा।

सबसे बड़ा सवाल

रांची की सड़क पर गिरी स्याही कुछ मिनटों में साफ हो सकती है, लेकिन झारखंड के युवाओं के मन में परीक्षा और भर्ती व्यवस्था को लेकर उठे सवाल इतनी आसानी से नहीं मिटेंगे।

अब निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार छात्रों की मांगों पर क्या ठोस कदम उठाती है और जांच में स्याही फेंकने की घटना को लेकर क्या सामने आता है।

क्योंकि मुद्दा सिर्फ नेहा बोरा पर फेंकी गई स्याही का नहीं है—मुद्दा उन हजारों युवाओं के भविष्य का है, जो परीक्षा देकर नौकरी और अपने सपनों के लिए व्यवस्था से जवाब मांग रहे हैं।
छात्रों की बात, छात्रों के साथ: हेमंत सोरेन बोले—युवाओं की समस्याओं का होगा ठोस और व्यावहारिक समाधान
Video 17
रांची में हो रहे JPSC JSSC CGL घोटाले को लेकर छात्र प्रोटेस्ट कर रहे हैं और इसी में से एक वीडियो में एक युवक अनोखी मांग कर रहे हैं 

लागू करने से होगा अन्याय दीजिए अन्याय अन्याय चाहते हैं लागू करने से कुछ नहीं होगा है नहीं तो देख लीजिए यहां एक मूर्ति लगा हुआ है और यहां जय राम महतो जी ‌का भी मूर्ति लग जाएगा 
🤣🤣🤣🤣
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झारखंड का कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा पुलिस एनकाउंटर में ढेर, जेल शिफ्टिंग के दौरान भागने की कोशिश पड़ी भारी

रांची/धनबाद, 2 अगस्त 2026। झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा रविवार को पुलिस मुठभेड़ (एनकाउंटर) में मारा गया। पुलिस के अनुसार, उसे साहेबगंज जेल से धनबाद जेल स्थानांतरित किया जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में उसने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर हमला किया। जवाबी कार्रवाई में हुई फायरिंग में वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

घटना के तुरंत बाद पुलिस ने सुजीत सिन्हा को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है और सभी तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद की जाएगी।

सुजीत सिन्हा झारखंड के सबसे कुख्यात अपराधियों में गिना जाता था। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, हत्या के प्रयास, अवैध हथियारों की तस्करी, कोयला एवं परिवहन कारोबार से जुड़े अपराधों सहित कई गंभीर मामले दर्ज थे। उसका आपराधिक नेटवर्क धनबाद, रांची, बोकारो, रामगढ़ समेत राज्य के कई जिलों में सक्रिय बताया जाता था। लंबे समय से वह पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों की निगरानी में था।

पिछले कुछ समय से झारखंड पुलिस संगठित अपराध और रंगदारी गिरोहों के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चला रही है। पुलिस का कहना है कि राज्य में अपराधी गिरोहों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अभियान और तेज किया गया है तथा किसी भी अपराधी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।

सुजीत सिन्हा के एनकाउंटर को झारखंड पुलिस की संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।