नेत्रदान जैसी मानवता से भरी पहल अब मध्यप्रदेश के छोटे कस्बों तक भी पहुंचने लगी है। मंदसौर जिले के बोलिया कस्बे में पहली बार नेत्रदान का ऐतिहासिक कार्य संपन्न हुआ। जैन स्थानकवासी वरिष्ठ श्रावक मोहनलाल चौधरी के निधन के बाद उनके परिवार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए स्वयं पहल कर नेत्रदान करवाया, जो पूरे कस्बे के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गया।