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पं. आशीष द्विवेदी

@ashish_4343
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"अगर हम सच बताने पर उतर आए तो क्या होगा"
"श्रोता कहाँ से लाओगे तुम अपनी कथा के"
अपने खालीपन को भरना छोड़ दिया, तन्हाई से बिलकुल डरना छोड़ दिया
मैं दूर नहीं तुमसे मगर दूर बहुत हूं, तुम समझ तो रहे हो न मजबूर बहुत हूं
"कभी टूटते तारे से उसकी हैसियत पूछिए, बिखर कर आसमा से ज़मीं पर जंग लड़ता है" <nis:link nis:type=tag nis:id=गूंजताकाव्य nis:value=गूंजताकाव्य nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=trueline nis:value=trueline nis:enabled=true nis:link/>
बात मुफलिसी की चली तो तुम याद आये दोस्त!
तेरा रुठना मेरा मनाना मुझे याद आएगा!!
*भीनी से पुरवाई मां*
पुण्यतिथि पर भावभीनि श्रद्धांजलि💐
"अना नहीं अच्छी रिश्तों में कहना पड़ता है"
मुझको अपना कहते हो तो कह दीजिए
"मौजूदगी की कद्र किसी को नहीं, बाद तस्वीर देखकर रोते हैं लोग"
"तुम्हारी चाह में सियासी सितारे बिछे!
 हम्ही से खेलो चौसर और दांव पूछिए!!
"जानें क्यों मै खुद से खफा सा रहता हूं"
"शाख से टूटा हूं पर गिरा तो नहीं"
"मेरी मोहब्बत बे वज़ह बदनाम हो गई, मै सच साबित न कर सका वो नाकाम हो गई"
"मुझको मेरी वफ़ा का सिला दीजिए, ख़ता क्या है मेरी ये बता दीजिए"
एक बूंद हूं आंसू की मुझे याद सदा रखना!
वो मेरे हो के भी मेरे न हुवे, उनको अपना बना के देख लिया!
"परत दर परत पलटता जाता हूं, कुछ इस तरह जिंदगी जिए जाता हूं"
"फ़सल कामयाबी की काट लेते, गर हम भी तलवे चाट लेते"
"रूठ कर मुझसे जो तुम जाने लगे
बाद मुद्दत मुझे तुम याद आने लगे"
"कहता हूं बात दिल की मैं लिखता हूं शायरी"
"ख़ामोशी को चुना है मैने, क्या कहें कितना सुना है मैने"
"गर मिट्टी में ही डर जाता, तो बीज पेड़ न बन पाता"
"कब क्या ज़ुबां पर आ जाए कोई जानता नहीं, कब कौन किसका भला करे पहचानता नहीं"
झूठ की दरख़्त नहीं चढ़ता, सच की परख नहीं करता!
ज़मीन पर रहने की आदत है, सपनों के महल नहीं गढ़ता!!