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CPI (ML) Jharkhand

@jharkhandcpiml
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श्रम कानूनों में सुधार की पोटली है ई पोर्टल श्रमिक रजिस्ट्रेशन।
अजय मिश्रा को मंत्री बनाये रखना केंद्रीय मंत्रिपरिषद अपमान। आज संयुक्त किसान मोर्चा और वामदलों ने देशव्यापी रेल रोको कार्यक्रम के तहत रांची में रेल रोका गया।
मोदी जी यह देशभक्ति नहीं दोस्तभक्ति है। कमाल की बात है, मोदी जी ने रेलवे स्टेशन में चाय बेचते बेचते रेलवे प्लेटफार्म और रेल को ही बेच डाले।
किसान आंदोलन की तुफानी लहर से झारखण्ड में बनी झामुमो ,कांग्रेस, माले, राजद, भाकपा माकपा, मासस टीएमसी समेत धर्मनिरपेक्ष दलों की एकता वर्तमान और भविष्य के लिए भाजपा के ताबूत का कील साबित हुआ और होगा।
9महीने से जारी किसान आंदोलन का अंत अब सुखद होगा। बंगाल के बाद अब यूपी की बारी है।
मोदी सरकार बताएं की पेगासस जासूसी के लिए रूपये किसने दिए_ माले।
कॉमरेड एके राय  ऐसे थे कि दुश्मन भी उनके व्यक्तित्व से प्रभावित होकर उनके समर्थक बन बैठे
फादर स्टेन की मौत नहीं हत्या है। इनकी गिरफ़्तारी झूठे मामले में असंवैधानिक तरीके से हुईं है। दोषियो को दंडित करें
कंपनियो के हित में जब भी झारखंड की जंगल जमीन का दोहन होगा विद्रोह अंतःहीन सिलसिला चलता रहेगा।

संथाल विद्रोह के मौके पर
अपनो की याद में हर मौत के गम को साझा करने का अभियान तीसरे रविवार को भी जारी रहा। प्रियजनों को एक मिनट श्रृद्धांजली दिया
बहुत हुई मंहगाई की मार गद्दी छोड़ मोदी सत्कार।
कम्पनी राज के खिलाफ एक और विद्रोह की जरुरत है,नहीं तो चौकीदार सब कुछ बेच डालेंगे
राज्यों को मुफ्त  वेक्सिन देने का फैसला उच्चतम न्यायालय के दबाव में लिया गया फैसला है।
सड़कों के आंदोलन ही सत्ता की तानाशाही का नाश होगा। देश के  किसानो और आम जनता का केंद्र सरकार से विश्वास घटा है।
प्रधानमंत्री जी ये बतायें की पीएम केयर फंड से खरीदी गई भेंटीलेटर खराब और घटिया क्यों निकला।आंसू बहाने से काम नहीं चलेगा
मजदूरों को राहत राशी और राशन नहीं मिली तो कोरोना से अधिक भूख से मौतें होंगी।
कोरोना राहत के मामले में सरकारी सिस्टम फेल_ माले
सिर्फ लोलीपॉप से काम नहीं चलेगा, भाकपा माले से जुड़ा छात्र युवा संगठनों ने आज। झारखंड विधान सभा का किया घेराव।
झारखंड विधालय रसोईया संघ ने किया विधनसभा के समक्ष प्रदर्शन
नई विधानसभा में पहली बार झारखंड आंदोलन कारियो ने भरी हूंकार।
केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों ने कृषि कानून और लेबर कोड का किया कड़ा विरोध, कहा देश कम्पनियों की नहीं मज़दूर किसानो की है।
किसान के हितों के लिए कृषि कानून वापस हो
कृषि कानून हर हाल में वापस होनी चाहिए
केंद्र की मनमानी नहीं चलेगी, नहीं चलेगी
हम गरीबों व असहायों के हित में सदैव आवाज़ उठाते रहे हैं