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जनजातीय बंदियों की समस्याएं जानने केंद्रीय जेल पहुंचे आयोग सदस्य भगत सिंह नेताम

जमानत, अपील और कानूनी सहायता में देरी की ली जानकारी, बंदियों से किया सीधा संवाद

पाकशाला और महिला बंदियों के कार्यों का भी किया निरीक्षण
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मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य श्री भगत सिंह नेताम ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल का निरीक्षण कर अनुसूचित जनजाति वर्ग के बंदियों को मिल रही सुविधाओं और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने बंदियों से सीधे संवाद कर जाना कि आर्थिक परेशानी, कानूनी जानकारी के अभाव या अन्य कारणों से उनकी जमानत और अपील की प्रक्रिया में कोई विलंब तो नहीं हो रहा है। विशेष रूप से ऐसे बंदियों के मामलों की जानकारी ली गई, जो छोटे-छोटे प्रकरणों में लंबे समय से जेल में बंद हैं और जिन्हें पर्याप्त कानूनी सहायता नहीं मिल पा रही है। श्री नेताम ने आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदियों से चर्चा कर जेल की व्यवस्थाओं, भोजन, स्वास्थ्य और शासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने एक नक्सली बंदी से भी संवाद किया। इस दौरान यह जानने का प्रयास किया गया कि बंदियों को अपनी अपील प्रस्तुत करने, जमानत कराने और कानूनी मदद प्राप्त करने में किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आयोग सदस्य ने कहा कि अशिक्षा, अज्ञानता और आर्थिक कमजोरी के कारण किसी बंदी को अनावश्यक रूप से लंबे समय तक जेल में नहीं रहना पड़े, इसके लिए ऐसे मामलों को चिह्नित करना जरूरी है। आयोग बंदियों से प्राप्त जानकारी और समस्याओं के आधार पर शासन को अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करेगा, ताकि जरूरतमंद बंदियों को कानूनी सहायता और न्याय मिल सके। 

निरीक्षण के दौरान श्री नेताम ने जेल की पाकशाला में बंदियों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की व्यवस्था भी देखी। उन्होंने महिला बंदियों से चर्चा कर उनकी समस्याएं जानीं और उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया।उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य अनुसूचित जनजाति वर्ग के संवैधानिक अधिकारों का संरक्षण करना और उत्पीड़न, भेदभाव अथवा सुविधाओं के अभाव से जुड़े मामलों में उचित हस्तक्षेप कराना है। 

इस अवसर पर उपायुक्‍त जनजातीय कार्य विभाग श्री नरोत्तम वरकडे, सहायक आयुक्त श्रीमती वंदना गुप्ता, जेल अधिक्षक श्री अखिलेश तोमर व अन्य उपस्थित रहे।

Department of Tribal Welfare, Madhya Pradesh 

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पीएम आवास योजना-शहरी 2.0
प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में लगेंगे क्रेता-विक्रेता शिविर
गृह ऋण पर मिलेगा ₹1.80 लाख तक का ब्याज अनुदान
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मध्यप्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन और अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभांवित करने का अभियान शुरू किया जा रहा है। योजना के ब्याज अनुदान योजना (इंट्रेस्ट सब्सिडी स्कीम- आईएसएस) घटक के तहत ई.डब्लू.एस., एल.आई.जी. एवं एम आई जी वर्ग के पात्र परिवारों को गृह ऋण पर अधिकतम ₹1.80 लाख तक का ब्याज अनुदान प्रदान किया जाएगा। यह लाभ निर्धारित शर्तों के अधीन 1 सितंबर 2024 को या उसके पश्चात स्वीकृत एवं वितरित पात्र गृह ऋणों पर भी लागू रहेगा।

प्रत्येक शुक्रवार को नगरीय निकायों में लगेंगे विशेष क्रेता-विक्रेता शिविर
प्रदेश के प्रत्येक नगरीय निकाय में प्रत्येक शुक्रवार (अथवा स्थानीय आवश्यकतानुसार किसी अन्य निर्धारित दिवस पर) विशेष क्रेता-विक्रेता शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में बैंकों, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (HFCs) तथा शासकीय एवं निजी बिल्डर्स/डेवलपर्स को एक साथ मंच पर आमंत्रित किया जा रहा है। शिविर में आने वाले पात्र हितग्राहियों को गृह ऋण प्राप्त करने तथा ISS घटक के अंतर्गत सब्सिडी का लाभ लेने के लिए ऑन-द-स्पॉट मार्गदर्शन एवं सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त, 'मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान-2026' के अंतर्गत आयोजित होने वाले शिविरों में भी ISS घटक को अनिवार्य रूप से शामिल किया जा रहा है।

नगरीय निकायों के लिए निर्धारित किए गए नवीन आवेदनों के लक्ष्य
यूनिफाइड वेब पोर्टल पर आई एस एस घटक के नवीन आवेदन प्रस्तुत करने के लिए निकायों की श्रेणी के अनुसार लक्ष्य तय किए गए हैं। इंदौर और भोपाल नगर निगम के लिए 50-50 हजार, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन नगर निगम के लिए 25-25 हजार तथा शेष 11 नगर पालिक निगमों के लिए 10-10 हजार आवेदन का लक्ष्य है। इसी प्रकार समस्त नगर पालिका परिषदों के लिए 500-500 और नगर परिषदों के लिए 100-100 आवेदन का लक्ष्य रखा गया है। इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए 1 सितंबर 2024 के बाद भवन अनुज्ञा प्राप्त करने वाले नागरिकों से संपर्क कर उन्हें योजना से जोड़ा जाएगा।

जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में होगी मासिक डीएलबीसी समीक्षा
योजना के सुचारू संचालन और स्वीकृतियों में प्रगति लाने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय के नगरीय निकायों द्वारा जिला स्तरीय बैंकर्स समिति (DLBC) की बैठक प्रत्येक माह जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में आयोजित की जाएगी। इससे बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर हितग्राहियों के आवेदनों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा।

Department of Urban Development & Housing MP  
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आगामी त्यौहारों के दृष्टिगत आतिशबाजी से होने वाली दुर्घटनाओं के उपचार एवं रोकथाम के लिए स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक तैयारियाँ सुनिश्चित करने के निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार कलेक्टर्स बर्न वार्ड एवं बर्न यूनिट की तैयारियों का निरीक्षण कर नियमित करें मॉनिटरिंग

अस्पतालों में 24x7 चिकित्सकीय स्टॉफ, आवश्यक दवाएं एवं उपकरण उपलब्ध रखने के निर्देश

कार्बाइड गन से होने वाली गंभीर चोटों के प्रति नागरिकों को करें जागरूक
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार सभी जिला कलेक्टर्स शासकीय जिला चिकित्सालयों एवं चिकित्सा महाविद्यालयों में संचालित बर्न वार्ड एवं बर्न यूनिट का निरीक्षण करने एवं उन्हें उपचार के लिए पूर्णतः क्रियाशील रखने के निर्देश दिए गए हैं। बर्न वार्ड में आवश्यक बेड, दवाएं, चिकित्सा सामग्री, उपकरण एवं मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए नियमित मॉनिटरिंग की जाए। निजी एवं शासकीय चिकित्सालयों एवं मेडिकल कॉलेजों में प्रतिदिन भर्ती बर्न इंजरी के मरीजों की स्थिति की समीक्षा किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। आगामी त्यौहारों के दृष्टिगत पटाखों एवं आतिशबाजी से होने वाली बर्न इंजरी तथा अन्य दुर्घटनाओं के प्रभावी उपचार एवं रोकथाम के लिए लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रदेश के समस्त शासकीय चिकित्सालयों एवं चिकित्सा महाविद्यालयों को विशेष तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिये हैं।

24x7 चिकित्सकीय सेवाएं एवं आवश्यक संसाधन रहें उपलब्ध
सभी चिकित्सालयों में 24 घंटे चिकित्सकों, नर्सिंग ऑफिसर्स एवं पैरामेडिकल स्टॉफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बर्न इंजरी, आंखों की चोट, हाथ-पैर की चोट, कानों को नुकसान तथा पटाखों के धुएं से होने वाली श्वसन संबंधी समस्याओं के उपचार के लिए आवश्यक दवाएं, चिकित्सा सामग्री एवं जांच उपकरण उपलब्ध रखे जाएं। सामान्य मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद डिस्चार्ज किया जाए तथा गंभीर मरीजों के लिए उनकी स्थिति के अनुरूप उपचार की कार्ययोजना तैयार की जाए।

कार्बाइड गन से होने वाली दुर्घटनाओं के प्रति रखें विशेष सतर्कता
अवैध रूप से निर्मित कार्बाइड गन के उपयोग से होने वाली दुर्घटनाओं के प्रति विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसके विस्फोट से प्लास्टिक एवं धातु के छोटे कण आंख, चेहरे और त्वचा को गंभीर रूप से घायल कर सकते हैं। एसीटिलीन गैस से जलने की घटनाएं भी हो सकती हैं। विशेषकर बच्चों एवं किशोरों में पलक, कंजंक्टाइवा एवं कॉर्निया को क्षति तथा स्थायी दृष्टिहानि का खतरा रहता है। आमजन को कार्बाइड गन एवं असुरक्षित आतिशबाजी के उपयोग से बचने के लिए जागरूक किया जाए।

रेफरल एवं एम्बुलेंस व्यवस्था की विशेष तैयारी
गंभीर मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने से पहले प्राथमिक उपचार देकर स्थिर किया जाए। रेफरल नोट में दिए गए उपचार, जांच एवं आगे आवश्यक उपचार का पूरा विवरण दर्ज किया जाए तथा संबंधित अस्पताल को पूर्व सूचना दी जाए। रेफर मरीजों के उपचार का निरंतर फॉलोअप भी लिया जाए। अस्पतालों में आकस्मिक ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों, एम्बुलेंस चालकों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ के नाम और मोबाइल नंबर प्रदर्शित किए जाएं। 108 एम्बुलेंस को ऑक्सीजन एवं आवश्यक उपकरणों सहित पूरी तरह क्रियाशील रखा जाए। आवश्यकता होने पर जिला कलेक्टर के अनुमोदन से मरीजों को दूसरे जिले अथवा अन्य राज्य में भी भेजा जा सकेगा। अति गंभीर मरीजों के परिवहन के लिए नियमानुसार एयर एम्बुलेंस की सुविधा का भी उपयोग किया जाए।

आंखों की चोट में त्वरित प्राथमिक उपचार की सलाह एवं विशेषज्ञ को रेफरल
पटाखों से आंख में चिंगारी, बारूद, रासायनिक पदार्थ अथवा धातु एवं प्लास्टिक के कण जाने पर आंख को नहीं मलने, बाहरी वस्तु स्वयं निकालने या बिना चिकित्सकीय सलाह आई ड्रॉप डालने से बचने की सलाह दी गई है। रासायनिक पदार्थ जाने पर आंख को 15 से 20 मिनट तक साफ पानी अथवा नॉर्मल सलाइन से धोकर हल्के से स्टेराइल गॉज से ढकें तथा तत्काल नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें। आंख पर दबाव न डालें। कॉर्नियल बर्न, आंख में बाहरी वस्तु अथवा गंभीर क्षति की स्थिति में विशेषज्ञ जांच एवं आवश्यकतानुसार स्लिट लैम्प, एक्स-रे अथवा सीटी स्कैन की व्यवस्था की जाए। गंभीर नेत्र चोट वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल निकटतम शासकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाए।

Directorate of Health Services, Madhya Pradesh  
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प्रदेश में 3 हज़ार 62 ग्रामीण आशा कार्यकर्ताओं के चयन की प्रक्रिया 16 नवम्बर से प्रारंभ

एमपी ई-सेवा पोर्टल के माध्यम से होगी पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध ऑनलाइन चयन प्रक्रिया

पांच वर्ष बाद हो रहा है ग्रामीण आशा कार्यकर्ताओं का चयन, सभी जिलों को जारी किए गए निर्देश
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मध्यप्रदेश में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 3062 ग्रामीण आशा कार्यकर्ताओं के चयन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। प्रदेश में लगभग पांच वर्ष बाद ग्रामीण आशा कार्यकर्ताओं का चयन किया जा रहा है। इस संबंध में सभी जिलों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। चयन प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध बनाने के लिए एमपी ई-सेवा पोर्टल (https://eseva.mp.gov.in) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। इच्छुक पात्र महिलाएं 16 नवंबर से 16 दिसंबर 2026 तक पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगी। चयन के लिए केवल ऑनलाइन प्राप्त आवेदन ही मान्य होंगे।

कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की निगरानी में होगा चयन
ग्रामीण आशा कार्यकर्ताओं के चयन की संपूर्ण कार्यवाही जिला स्तर से की जाएगी। यह प्रक्रिया कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की निगरानी में संपन्न होगी।निर्धारित ग्रामवार संख्या एवं चयन के लिए चिह्नित ग्रामों के अनुसार ही चयन किया जाएगा। इससे चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं एकरूपता सुनिश्चित होगी।

पात्रता
चयन के लिए आवेदिका का संबंधित ग्राम की निवासी एवं विवाहित महिला होना अनिवार्य है। आवेदिका की आयु 21 से 45 वर्ष के बीच तथा न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं उत्तीर्ण निर्धारित की गई है। चयन में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता एवं प्राथमिकता संबंधी मापदंडों का पालन किया जाएगा।

16 नवंबर से 16 दिसंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन किए जाएंगे प्राप्त
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 16 नवंबर से 16 दिसंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। इसके बाद 17 से 25 दिसंबर तक प्राप्त आवेदनों को ग्रामसभा के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। ग्रामसभा द्वारा 26 दिसंबर 2026 से 18 जनवरी 2027 तक चयन के लिए प्रस्ताव अनुमोदित कर भेजे जाएंगे। प्राप्त प्रस्तावों पर 19 जनवरी से 5 फरवरी 2027 तक विकासखंड स्तर पर दावा-आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा। इसके उपरांत 6 से 25 फरवरी 2027 तक जिला स्तर पर अपील प्राप्त कर उनका निराकरण किया जाएगा।

जिला स्वास्थ्य समिति से अंतिम अनुमोदन प्राप्त करने की प्रक्रिया 26 फरवरी से 5 मार्च 2027 तक पूर्ण की जाएगी। समिति के अंतिम अनुमोदन के उपरांत ही चयन आदेश जारी किए जाएंगे। संपूर्ण चयन प्रक्रिया 5 मार्च 2027 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण की जाएगी। चयनित आशा कार्यकर्ताओं की आईडी बनाने के लिए 6 से 20 मार्च 2027 तक आशा पोर्टल के माध्यम से अनुरोध किया जाएगा। चयनित आशा की जानकारी एवं आवश्यक दस्तावेज पोर्टल के माध्यम से राज्य मुख्यालय को भेजे जाएंगे। राज्य स्तर पर दस्तावेजों के सत्यापन एवं अनुमोदन के उपरांत आईडी बनाई जाएगी।

Directorate of Health Services, Madhya Pradesh  
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मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग विदेश अध्यन छात्रवृत्ति योजना वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन आमंत्रित

पोर्टल https://mpom.mp.gov.in पर करें ऑनलाइन आवेदन
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मध्यप्रदेश शासन के पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा राज्य के अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभावान विद्यार्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के उद्देश्य से 'विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना 2026-27' के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। योजना के अंतर्गत चयनित मेधावी विद्यार्थियों को शीर्ष विदेशी विश्वविद्यालयों और संस्थानों में स्नातकोत्तर, शोध उपाधि तथा पोस्ट-पीएचडी (Post Ph.D.) पाठ्यक्रमों में अध्ययन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

इच्छुक अभ्यर्थी विभाग के आधिकारिक पोर्टल mpom.mp.gov.in पर जाकर अपना प्रोफाइल रजिस्ट्रेशन करने के बाद ऑनलाइन आवेदन लॉक कर सकते हैं। प्रोफाइल पंजीयन के लिए समग्र आईडी के साथ डिजिटल जाति, आय और मूल निवासी प्रमाण पत्र का लिंक होना आवश्यक है। ऑनलाइन फॉर्म लॉक करने के 15 दिनों के भीतर आवेदन का प्रिंटआउट और सभी स्वप्रमाणित दस्तावेजों (जैसे अंकसूची, ऑफर लेटर, QS रैंकिंग प्रमाण) की प्रतियां आयुक्त कार्यालय, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण (विंध्याचल भवन, द्वितीय तल, 'क'/'ख' विंग, भोपाल - 462004) में डाक द्वारा या व्यक्तिगत रूप से जमा करना अनिवार्य है।

चयन प्रक्रिया और हेल्पलाइन सुविधा

पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा पूरे वर्ष चालू रहेगी। प्रत्येक 1 माह की अवधि के विभिन्न चरणों में प्राप्त आवेदनों को एकत्र कर मेरिट के आधार पर चयन प्रक्रिया और साक्षात्कार आयोजित किए जाएंगे। आवेदन या तकनीकी दस्तावेजों से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए अभ्यर्थी विभागीय हेल्पलाइन नंबर 0755-2553329, 0755-2675521 पर संपर्क कर सकते हैं या nodalofficerobc@mp.gov.in पर ईमेल भेज सकते हैं।

Department of Backward Class and Minority Welfare, Madhya Pradesh  
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भोपाल की धरती पर 15 जनवरी 2027 को आयोजित होने वाला राष्ट्रीय सेना दिवस समारोह प्रदेश के इतिहास में एक गौरवशाली अध्याय जोड़ेगा। प्रदेशवासी भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम के साक्षी बनेंगे।

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मध्यप्रदेश स्थापना दिवस का गौरव इस वर्ष और भी खास है। 15 जनवरी 2027 को भोपाल की धरती पहली बार राष्ट्रीय सेना दिवस समारोह की साक्षी बनेगी। भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और अदम्य साहस को नमन करने का यह ऐतिहासिक अवसर होगा।

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LIVE: मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर लाल परेड मैदान, भोपाल में आयोजित 'स्थापना दिवस समारोह'
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में शौर्य स्मारक, भोपाल में आयोजित 'संकल्प वृक्ष' पौधारोपण अभियान 

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केन्द्र की एग्रीस्टैक योजना के क्रियान्वयन में म.प्र. प्रथम
उर्वरक वितरण की ई-विकास व्यवस्था देश में पहली बार
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केन्द्र सरकार की एग्रीस्टैक के बेहतर क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर है। एग्रीस्टैक भारत की डिजिटल कृषि व्यवस्था की नींव है। यह सही समय पर किसानों को मदद पहुंचाती है। इसके अंतर्गत 1.20 करोड़ से ज्यादा किसानों की आईडी बनाई गई है। करीब 4 करोड़ से अधिक खेतों पर फसलों का सर्वे कर सभी खेतों का जियो रेफरेंस कराया गया है।

मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जहाँ किसानों के व्यापक हित में भावांतर योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। किसान कल्याण वर्ष में सरसों और सोयाबीन के लिए भावांतर योजना लागू की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार समग्र किसान कल्याण के लिए संकल्पित है। सरकार खेती को समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे किसानों के आर्थिक लाभ में वृद्धि हो।

राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में व्यापक निर्णय लिये गये हैं। उड़द के उपार्जन पर एमएसपी के अलावा 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना में 15 जिलों के 4000 किसानों से 3000 मीट्रिक टन श्रीअन्न का उपार्जन किया गया है। उपार्जन के अलावा 1000 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि के हिसाब से उन्हें भुगतान किया गया है।

कृषि उर्वरक वितरण एवं आपूर्ति समाधान प्रणाली-ई-विकास का उपयोग कर उर्वरक वितरण किया गया। यह पूरे देश में पहली बार हुआ है। इसके माध्यम से 48.34 पात्र किसानों को 34.46 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध कराया गया। इसमें 3.94 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बचत हुई। इससे 764.65 करोड़ के उर्वरक अनुदान की बचत हुई है। इस व्यवस्था को अपनाने के लिए केन्द्र सरकार अन्य राज्यों से भी आग्रह कर रही है।

किसानों के हित में मंडियों को आधुनिक सुविधाओं से सम्पन्न बनाया गया है। सफाई, ग्रेडिंग और पैकेजिंग प्लांट की स्थापना की जा रही है। वर्तमान में प्रदेश की 3 मंडियों में प्लांट कार्य कर रहा है। दस मिलियन टन क्षमता के तौल-कांटों की स्थापना की गई है। अभी 21 मंडियों में यह सुविधा है।

फसल संबंधी परामर्श एवं जानकारी देने के लिए एक किसान हेल्पलाइन (155253) शुरू की गई है। कृषि विभाग नई योजना म.प्र. प्राकृतिक कृषि योजना लागू करने पर विचार कर रहा है। योजना में प्रत्येक जिले के 100 गांवों के 5-5 किसानों को 500 रुपये प्रतिमाह अनुदान देना प्रस्तावित है।

किसानों के व्यापक हित में ब्याज रहित फसल ऋण योजना में 2025-26 में 35 लाख किसानों को 24 हजार करोड़ का फसल ऋण वितरित किया गया। वर्ष 2026-27 में अब तक 15 हजार करोड़ रूपये वितरित किए गए, जो पिछले साल की तुलना में 1250 करोड़ रूपये ज्यादा हैं। किसानों को वर्ष 2026-27 में 18.52 लाख मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक का वितरण किया गया।

Department of Agriculture, Madhya Pradesh  
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जनसंपर्क कर्मी श्री मिथिला प्रसाद को सेवानिवृत्ति पर दी विदाई.
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संभागीय जनसंपर्क कार्यालय जबलपुर से सेवानिवृत्त हुए श्री मिथिला प्रसाद काछी को आज शनिवार को कार्यालय में आयोजित समारोह में भावभीनी विदाई दी गई। कार्यालय के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों ने उनकी सेवाओं को याद किया तथा उनके स्वस्थ्य, सुखी और सुदीर्घ जीवन की कामना की। संभागीय जनसंपर्क कार्यालय में दफ्तरी के पद पर पदस्थ रहे श्री मिथिला प्रसाद 42 वर्ष की शासकीय सेवा पूरी करने के बाद 30 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हुए हैं।

Jansampark Madhya Pradesh  
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं मुख्य न्यायमूर्ति श्री अल्पेश यशवंत कोगजे जी का जबलपुर में आयोजित 'अभिनंदन समारोह'

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लिया शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत वृद्धि का निर्णय
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मध्यप्रदेश सरकार कर्मचारियों और अधिकारियों को मिलने वाले महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की वृद्धि करने जा रही है। इस वृद्धि के फलस्वरूप शासकीय सेवकों को महंगाई भत्ते की राशि जनवरी माह से देय होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'एक्स ' पर अपनी पोस्ट में इस संबंध में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने अधिकारियों-कर्मचारियों के हितों का हमेशा ध्यान रखा है। इसके साथ ही राज्य सरकार पेंशनर्स और कर्मचारियों के हितों में सदैव साथ खड़ी है। शासकीय सेवकों को जनवरी से सितंबर तक, कुल नौ माह के एरियर्स का भुगतान तीन समान मासिक किश्तों में किया जाएगा। अक्टूबर माह के वेतन (नवंबर में देय) से बढ़े हुए महंगाई भत्ते का नगद भुगतान होगा। पेंशनर्स के लिए भी महंगाई राहत में जुलाई 2026 से 2 प्रतिशत वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है।  

CM Madhya Pradesh  
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मध्यप्रदेश के पेंशनरों को बड़ी सौगात, महंगाई राहत में वृद्धि

सातवें वेतनमान में महंगाई राहत 58 से बढ़कर 60 प्रतिशत, छठवें वेतनमान में महंगाई राहत बढ़कर हुई 262 प्रतिशत

एक जुलाई 2026 से लागू होंगी संशोधित दरें, 80 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों को अतिरिक्त पेंशन पर भी मिलेगा लाभ
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मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के पेंशनरों और परिवार पेंशनरों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई राहत की दरों में वृद्धि को मंजूरी दी है। राज्य शासन के निर्णय के अनुसार सातवें वेतनमान के अंतर्गत पेंशन प्राप्त करने वालों की महंगाई राहत 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत तथा छठवें वेतनमान के अंतर्गत पेंशन प्राप्त करने वालों की महंगाई राहत 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत कर दी गई है। संशोधित दरें एक जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी। इसका लाभ जुलाई माह की पेंशन एवं परिवार पेंशन में मिलेगा, जो अगस्त 2026 में देय होगी। वित्त विभाग के अनुसार सातवें वेतनमान के पेंशनरों को महंगाई राहत में दो प्रतिशत तथा छठवें वेतनमान के पेंशनरों को पांच प्रतिशत की वृद्धि का लाभ मिलेगा। विशेष रूप से 80 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु के पेंशनरों को देय अतिरिक्त पेंशन पर भी संशोधित दर से महंगाई राहत प्रदान की जाएगी। राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि बढ़ी हुई महंगाई राहत का लाभ सेवानिवृत्ति पेंशन, असमर्थता पेंशन और क्षतिपूर्ति पेंशन प्राप्त करने वालों को भी मिलेगा। इसके अतिरिक्त पात्र परिवार पेंशनरों, असाधारण पेंशन प्राप्तकर्ताओं तथा अनुकंपा भत्ता प्राप्त करने वाले पूर्व कर्मचारियों को भी निर्धारित शर्तों के अनुसार इसका लाभ दिया जाएगा। जिन पेंशनरों ने अपनी पेंशन का एक हिस्सा सारांशीकृत कराया है, उन्हें महंगाई राहत का भुगतान सारांशीकरण से पूर्व की मूल पेंशन पर किया जाएगा। शासन के निर्धारित प्रावधानों के अंतर्गत उपक्रमों, स्वशासी संस्थाओं, मंडलों और निगमों में संविलियन के बाद पेंशन के एक-तिहाई हिस्से के प्रत्यावर्तन के पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा।

पेंशनरों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश -
राज्य शासन ने सभी पेंशन संवितरण अधिकारियों को संशोधित महंगाई राहत का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। भुगतान की गणना में रुपये के अपूर्ण भाग को अगले पूर्ण रुपये में समायोजित किया जाएगा। संचालक पेंशन को बैंक शाखाओं में भुगतान की नमूना जांच करने तथा किसी प्रकार की विसंगति पाए जाने पर आगामी माह के भुगतान में उसका समायोजन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के पात्र पेंशनरों और परिवार पेंशनरों को बढ़ती महंगाई के बीच अतिरिक्त आर्थिक राहत मिलेगी।

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शासकीय कर्मचारियों को बड़ी राहत: महंगाई भत्ता बढ़कर 60 प्रतिशत, एरियर 3 समान किश्तों में मिलेगा
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मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के शासकीय कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते (डीए) में वृद्धि का निर्णय लिया है। वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार सातवें वेतनमान के अंतर्गत कर्मचारियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता अब 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। वित्त विभाग के परिपत्र के अनुसार यह बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता 1 जनवरी 2026 से देय माह फरवरी 2026 माना जाएगा। कर्मचारियों को इसका वास्तविक लाभ 1 जनवरी 2026 से मिलेगा। शासन द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि 2 प्रतिशत की इस वृद्धि के बाद कर्मचारियों का कुल महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत हो जाएगा। यह निर्णय राज्य के लाखों कर्मचारियों के लिए आर्थिक राहत लेकर आएगा।

एरियर का भुगतान 3 किश्तों में -
राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि महंगाई भत्ते में हुई वृद्धि का लाभ 1 अक्टूबर 2026 भुगतान माह नवम्बर 2026 से किया जायेगा। दिनांक 1 जनवरी 2026 से 30 सितम्बर 2026 तक की अवधि का एरियर की राशि का भुगतान कर्मचारियों को एकमुश्त न देकर तीन समान किश्तों में दिया जाएगा। महंगाई भत्ते की वृद्धि का लाभ माह नवम्बर 2026, दिसम्बर 2026 एवं जनवरी 2027 से किया जायेगा।

सेवानिवृत्त और दिवंगत कर्मचारियों के लिए विशेष प्रावधान -
शासन ने यह भी व्यवस्था की है कि जो कर्मचारी 1 जनवरी 2026 से 30 सितम्बर 2026 के बीच सेवानिवृत्त हो चुके हैं या जिनका निधन हो गया है, उन्हें अथवा उनके नामांकित सदस्य को एरियर की पूरी राशि एकमुश्त भुगतान की जाएगी।

भुगतान संबंधी अन्य निर्देश -

आदेश में कहा गया है कि महंगाई भत्ते की गणना में 50 पैसे या उससे अधिक राशि को अगले पूर्ण रुपये में जोड़ा जाएगा, जबकि 50 पैसे से कम राशि को छोड़ दिया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि महंगाई भत्ते का कोई भी हिस्सा किसी अन्य प्रयोजन के लिए वेतन का भाग नहीं माना जाएगा। शासन ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि महंगाई भत्ते के भुगतान पर होने वाला व्यय संबंधित विभाग के स्वीकृत बजट प्रावधान के भीतर ही सुनिश्चित किया जाए।

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मक्का, सोया किसानों के हित में अवकाश में भी खुलेंगी मंडी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर आदेश जारी
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राज्य सरकार सोयाबीन और मक्का उत्पादन किसानों के लिए हितों की संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सोया और मक्का उत्पादन किसानों की सुविधा के लिए अवकाश के दिनों में भी खरीदी के लिए मंडियाँ खुली रखने का निर्णय लिया गया है। किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंडी बोर्ड के सभी संयुक्त संचालक को निर्देश दिए गए है कि वे अवकाश के दिनों में भी किसानों के लिए मंडी खुली रखें। वर्तमान में प्रदेश की मंडियों में अधिसूचित कृषि उपज की आवक अधिक मात्रा में हो रही है। इस अवधि में कृषकों को अपनी कृषि उपज का शीघ्र विक्रय कर उसकी राशि प्राप्त करने की आवश्यकता रहती है। ऐसी स्थिति में मंडियों में अवकाश रहने से कृषकों को अपनी उपज के विक्रय के लिये आगामी कार्य दिवस तक प्रतीक्षा करनती पड़ सकती है, जिससे न केवल कृषि उपज के विक्रय में विलंब होगा, बल्कि कृषकों को आर्थिक एवं व्यावहारिक असुविधा का सामना भी करना पड़ेगा। कृषकों की सुविधा एवं उनके हितों को दृष्टिगत रखते हुए यह आवश्यक है कि अवकाश दिवसों में भी मंडियों में कृषि उपज के विपणन की व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित रहे। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अनुज्ञप्तिधारी व्यापारियों के साथ आवश्यक चर्चा एवं बैठक कर समुचित समन्वय स्थापित करें। ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करें, जिससे अवकाश दिवसों में भी मंडी प्रांगण एवं उपमंडी प्रांगण में कृषि उपज विपणन गतिविधियाँ संचालित हो सकें। कृषकों को अपनी कृषि उपज के विक्रय में अनावश्यक विलंब अथवा किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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"मध्यप्रदेश स्थापना दिवस का मुख्य समारोह" 1 नवम्बर को

जिला स्तर पर भी आयोजित होंगे कार्यक्रम निर्देश जारी
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'मध्यप्रदेश स्थापना दिवस का मुख्य समारोह' भोपाल के लाल परेड ग्राउण्ड में भव्य स्तर पर एक नवम्बर सोमवार को मनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अवधारणा अनुसार इस बार स्थापना दिवस 3 दिवसीय होगा। समारोह का सभी जिलों में भी आयोजन होगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने आयोजन के संबंध में सभी कलेक्टर और कमिश्नर को निर्देश जारी किए हैं। मंचीय कार्यक्रम एवं सुगम संगीत के लिए प्रतिष्ठित कलाकार की प्रस्तुति एवं समापन भव्य आतिशबाजी से किया जायेगा। कार्यक्रम स्थल में 1 से 3 नवम्बर तक संस्कृति के विषयों के साथ कृषि एवं उससे जुड़े अनुषांगिक विषयों पर केन्द्रित प्रदर्शनी तीन दिवस के लिए आयोजित की जायेगी।

जिला स्तरीय कार्यक्रम -

स्थापना दिवस समारोह के अंतर्गत जिला मुख्यालय पर विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में जिले के उत्कृष्ट कार्यों से संबंधित गौरवशाली व्यक्तित्वों एवं उपलब्धियों पर केंद्रित गतिविधियाँ, जिला उत्पादों का प्रदर्शन और उत्कृष्ट कार्यों से संबंधित प्रदर्शनी आयोजित की जायेगी। जिला कलेक्टर जिला स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को प्रभारी मंत्री परामर्श से अंतिम रूप देंगे।

शासकीय भवनों पर प्रकाश व्यवस्था -

स्थापना दिवस पर शासकीय भवनों पर प्रकाश व्यवस्था 1 नवम्बर 2026 की रात्रि में जिला मुख्यालय स्थित प्रमुख शासकीय भवनों पर भी प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी। राज्य शासन के समस्त प्रमुख भवनों पर प्रकाश व्यवस्था करने की जिम्मेदारी संबंधित कार्यालय प्रमुख की रहेगी।

व्यापक जनभागीदारी एवं आमंत्रण -

समारोह में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, उद्योगपतियों, व्यवसायियों, समाजसेवियों, धर्मगुरुओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं, शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों, जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, मीसाबंदियों, शहीद सैनिकों के परिवारों और महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ अर्जित करने वाले स्व-सहायता समूहों एवं स्टार्टअप के पदाधिकारियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा। समारोह में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की जायेगी।

समस्त कलेक्टर को निर्देश दिये गये हैं कि जिले में स्थापना दिवस समारोह की समस्त तैयारियां समय-सीमा में पूर्ण करते हुए कार्यक्रम का गरिमामय एवं सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करें। आयोजन के संबंध में संबंधित विभागों के मध्य आवश्यक समन्वय स्थापित किया जाए और आयोजन में जिले की सांस्कृतिक विरासत, विशिष्ट उपलब्धियों एवं स्थानीय उत्पादों को समुचित स्थान प्रदान करते हुए व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए।

CM Madhya Pradesh   
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मध्‍यप्रदेश अर्बन ग्रोथ कॉनक्लेव 2.0 
विकास के नए मॉडल शहर इंदौर, भोपाल, उज्‍जैन 

Dr Mohan Yadav  Department of Urban Development & Housing MP 
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सतत शहरी विकास, बेहतर नागरिक सुविधाएं और स्वच्छ पर्यावरण। आइए, विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।

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मध्‍यप्रदेश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को नई गति। 
 
ग्रीन मोबिलिटी से स्‍मार्ट शहरों तक, नवाचार और निवेश का नया मंच

Dr Mohan Yadav  
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मध्‍यप्रदेश अर्बन ग्रोथ कॉनक्लेव 2.0 2026
योजनाओं में उपलब्धियां शहरों के विकास को नई गति 

Dr Mohan Yadav  Department of Urban Development & Housing MP 
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प्रगति का नया परिवेश मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2,0 

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शहरों के विकास से समृद्ध भविष्य की ओर! मध्यप्रदेश Urban Growth Conclave 2.0 में आधुनिक अधोसंरचना और सतत शहरी विकास की संभावनाओं पर मंथन होगा।

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28 अक्टूबर को इंदौर में Urban Growth Conclave 2.0 के माध्यम से शहरी विकास के नए अवसरों पर संवाद होगा।

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