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चम्बल सूत्र

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मुरैना में खेत की मेड़ को लेकर खूनी संघर्ष, लाठी से हमले में 20 वर्षीय युवक की मौत
मुरैना के सींगपुरा गांव में खेत की मेड़ टूटने को लेकर हुए विवाद में 20 वर्षीय अजय तोमर की मौत हो गई। मारपीट में परिवार के अन्य सदस्य घायल हुए हैं। पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है

मुरैना में खेत की मेड़ को लेकर खूनी संघर्ष लाठी से हमले में 20 वर्षीय युवक की मौत

मुरैना (मध्य प्रदेश)। पोरसा थाना क्षेत्र के सींगपुरा गांव में खेत की मेड़ टूटने को लेकर दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि एक पक्ष के लोगों ने लाठियों से हमला कर 20 वर्षीय अजय तोमर उर्फ गोलू को गंभीर रूप से घायल कर दिया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मारपीट में परिवार के अन्य सदस्य भी घायल हुए हैं। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है।

मेड़ टूटने पर विवाद, अजय तोमर पर लाठियों से हमला
जानकारी के अनुसार, सींगपुरा गांव निवासी अजय तोमर बुधवार सुबह करीब 10 बजे ट्रैक्टर से अपने खेत की जुताई कर रहा था। इसी दौरान खेत की मेड़ टूटने को लेकर दूसरे पक्ष के राकेश उर्फ पप्पू सिंह तोमर से विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी ने मारपीट का रूप ले लिया। आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने अजय के साथ मारपीट की।

घर में घुसकर परिवार पर हमला, कई लोग घायल
दूसरे पक्ष के लोग कथित तौर पर लाठियां लेकर राममोहन तोमर के घर पहुंच गए। यहां परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया गया। हमले में अजय के सिर में गंभीर चोटें आईं और वह बेहोश हो गया।

ग्वालियर में उपचार के दौरान अजय ने तोड़ा दम
मारपीट में राममोहन की पत्नी ममता तोमर (47), राघवेंद्र तोमर (55), संजय तोमर (26) और रवि तोमर (28) भी घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। अजय उर्फ गोलू की गंभीर हालत को देखते हुए उसे ग्वालियर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

जमीन और सिंचाई को लेकर पहले से विवाद
बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच कृषि भूमि, खेत की मेड़ और सिंचाई को लेकर पहले से विवाद चला आ रहा था। खेतों में ट्यूबवेल लगाए जाने और जमीन से जुड़े मुद्दों को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच तनाव की बात सामने आई है। बुधवार को मेड़ टूटने की घटना ने विवाद को हिंसक रूप दे दिया। हालांकि, विवाद की पूरी वजह और मारपीट में शामिल लोगों की भूमिका पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस कार्रवाई पर नजर
घटना के बाद मामला गंभीर हो गया है। अब पुलिस की जांच और वैधानिक कार्रवाई में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया,घटना में शामिल लोग, राकेश उर्फ पप्पू तोमर, राजवीर सिंह तोमर, उमेश सिंह तोमर, लक्ष्मण सिंह तोमर, के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
मुरैना-बेहद दुःखद घटना सिविल लाइन थाने में पदस्थ आरक्षक ओमप्रकाश तिवारी जी ड्यूटी के दौरान हुए हादसे का शिकार इलाज के लिए ग्वालियर जाते समय तोडा दम.. 

 पुलिस से पहले देश की सेना में भी अपनी सेवाएं दे चुके है आपने सेना से रिटायरमेंट के बाद पुलिस विभाग को चुना और अपने कर्तव्यों को पूरा करते हुए आप शहीद हो जाये

ईश्वर आपकी आत्मा को शांति दें
परिजनों को दुख सहन करने की शक्ति दें

 ॐ शांति ॐ शांति ॐ शांति
स्मृति दिवस के अवसर पर मुरैना पुलिस द्वारा शहीद स्मारक पर  पुलिस स्मृति परेड का आयोजन किया गया
स्मृति दिवस के अवसर पर मुरैना शहीद स्मारक पर शहीद स्मृति पुलिस परेड का आयोजन किया गया
स्मारक पर शहीद स्मृति पुलिस परेड का आयोजन किया गया
स्मृति दिवस के अवसर पर मुरैना शहीद स्मारक पर शहीद स्मृति परेड का आयोजन किया गया
स्मृति दिवस के अवसर पर मुरैना शहीद स्मारक पर शहीद स्मृति पुलिस परेड का आयोजन किया गया
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मुरैना/मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुरैना आगमन पर एसएएफ ग्राउंड स्थित हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर तथा पुष्पमालाओं से उनका आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उनके साथ में विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर रहे मौजूद ।
मुरैना शनिचरी अमावस्या के पावन अवसर पर शनिवार को मुरैना जिले के ग्राम ऐंती स्थित प्राचीन शनिधाम मंदिर में विशाल मेले का आयोजन श्रद्धा, आस्था एवं उत्साह के साथ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। मेले में मध्यप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु भगवान श्री शनिदेव के दर्शन करने पहुंचे। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की।

कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुचारु दर्शन व्यवस्था के लिए व्यापक तैयारियां की गई थीं। संभावित श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को दृष्टिगत रखते हुए पेयजल, स्वास्थ्य, सुरक्षा, यातायात, दर्शन मार्ग एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के समुचित प्रबंध सुनिश्चित किए गए थे।

कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ एवं पुलिस अधीक्षक श्री धर्मराज मीणा ने मध्यरात्रि 12 बजे शनिधाम मंदिर पहुंचकर भगवान श्री शनिदेव का विधिवत तेलाभिषेक किया। इसके पश्चात श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर के द्वार खोले गए। दोनों अधिकारियों ने मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में राजस्व, पुलिस सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी पूरी रात मुस्तैद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन कराने तथा भीड़ का व्यवस्थित प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए मेला क्षेत्र में समन्वित रूप से कार्य किया गया। श्रद्धालुओं को शीतल पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्थानों पर विशेष प्रबंध किए गए थे।

पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में मेले में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए। सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं के संचालन के लिए दो पालियों में लगभग 600 पुलिसकर्मियों तथा राजस्व विभाग के लगभग 700 कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। बेहतर प्रबंधन की दृष्टि से संपूर्ण मेला क्षेत्र को सात सेक्टरों में विभाजित कर प्रत्येक सेक्टर में सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए थे। कार्यपालिक दंडाधिकारी, जिला अधिकारी एवं अन्य मैदानी कर्मचारी मेला स्थल पर उपस्थित रहकर व्यवस्थाओं का संचालन करते रहे। स्काउट एवं गाइड दल के सदस्यों ने बुजुर्ग श्रद्धालुओं को दर्शन कराने तथा उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में सराहनीय सहयोग प्रदान किया।

मेले के दौरान अपर कलेक्टर श्री अश्विनी कुमार रावत सहित समस्त अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, कार्यपालिक दंडाधिकारी एवं विभिन्न विभागों के मैदानी कर्मचारी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में सक्रिय रहे।

श्रद्धालुओं के लिए की गईं विशेष व्यवस्थाएं

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए पृथक-पृथक स्नानागार बनाए गए थे। इससे स्नान व्यवस्था को व्यवस्थित एवं सुविधाजनक बनाने में सहायता मिली। इसके अतिरिक्त प्रशासन द्वारा निर्धारित नाई जोन में लगभग 250 नाइयों की व्यवस्था की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधा उपलब्ध हो सकी।

संभावित अग्निकांड की घटनाओं की रोकथाम एवं आपात स्थिति से निपटने के लिए मेला क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर अग्निशमन वाहनों की तैनाती की गई थी। स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस एवं चिकित्सकों की व्यवस्था भी की गई थी, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

भंडारों में श्रद्धालुओं ने ग्रहण की प्रसादी

मेले में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी भंडारों का आयोजन किया गया। सिरसा की ओर से लगातार 35 वर्षों से भंडारे की सेवा की जा रही है तथा इस वर्ष 51वें विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में श्रद्धालुओं के साथ पुलिस बल एवं मेला व्यवस्था में जुटे कर्मचारियों ने भी प्रसादी ग्रहण की। भंडारों के माध्यम से श्रद्धालुओं को सेवा एवं सहयोग की भावना के साथ प्रसादी वितरित की गई।

पृथक दर्शन मार्गों से सुचारु रही व्यवस्था

भीड़ नियंत्रण एवं श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन कराने के उद्देश्य से महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए पृथक दर्शन मार्ग निर्धारित किए गए थे। मार्गों पर सुरक्षा कर्मियों एवं तैनात कर्मचारियों द्वारा सतत निगरानी रखी गई, जिससे दर्शन व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने में सहायता मिली। मेले में न्यायाधीशों, जनप्रतिनिधियों तथा दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने भी पहुंचकर भगवान श्री शनिदेव के दर्शन किए। पूर्व कलेक्टर श्री एम.के. अग्रवाल ने भी रात्रि में भगवान शनिदेव का अभिषेक किया।

पेयजल, चिकित्सा, एम्बुलेंस, सुरक्षा, मार्गदर्शन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए प्रशासनिक अमले द्वारा निरंतर सेवाएं प्रदान की गईं। जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, विभिन्न विभागों के कर्मचारियों, स्काउट एवं गाइड दल तथा समाजसेवियों के समन्वित प्रयासों से शनिचरी अमावस्या का विशाल मेला शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। शनिधाम में उमड़े श्रद्धालुओं के सैलाब के बीच व्यवस्थाओं का सफल संचालन प्रशासनिक तत्परता, जनसेवा एवं समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण बना।
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शनिचरी अमावस्या पर शनिधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने किए भगवान शनिदेव के दर्शन

श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की

श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुचारु दर्शन के लिए व्यापक प्रबंध

जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी पूरी रात रहे मुस्तैद

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने मध्यरात्रि में किया विधिवत तेलाभिषेक
मुरैना/ शनिचरी अमावस्या के पावन अवसर पर शनिवार को मुरैना जिले के ग्राम ऐंती स्थित प्राचीन शनिधाम मंदिर में विशाल मेले का आयोजन श्रद्धा, आस्था एवं उत्साह के साथ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। मेले में मध्यप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु भगवान श्री शनिदेव के दर्शन करने पहुंचे। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की।

कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुचारु दर्शन व्यवस्था के लिए व्यापक तैयारियां की गई थीं। संभावित श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को दृष्टिगत रखते हुए पेयजल, स्वास्थ्य, सुरक्षा, यातायात, दर्शन मार्ग एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के समुचित प्रबंध सुनिश्चित किए गए थे।

कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ एवं पुलिस अधीक्षक श्री धर्मराज मीणा ने मध्यरात्रि 12 बजे शनिधाम मंदिर पहुंचकर भगवान श्री शनिदेव का विधिवत तेलाभिषेक किया। इसके पश्चात श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर के द्वार खोले गए। दोनों अधिकारियों ने मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में राजस्व, पुलिस सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी पूरी रात मुस्तैद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन कराने तथा भीड़ का व्यवस्थित प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए मेला क्षेत्र में समन्वित रूप से कार्य किया गया। श्रद्धालुओं को शीतल पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्थानों पर विशेष प्रबंध किए गए थे।

पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में मेले में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए। सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं के संचालन के लिए दो पालियों में लगभग 600 पुलिसकर्मियों तथा राजस्व विभाग के लगभग 700 कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। बेहतर प्रबंधन की दृष्टि से संपूर्ण मेला क्षेत्र को सात सेक्टरों में विभाजित कर प्रत्येक सेक्टर में सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए थे। कार्यपालिक दंडाधिकारी, जिला अधिकारी एवं अन्य मैदानी कर्मचारी मेला स्थल पर उपस्थित रहकर व्यवस्थाओं का संचालन करते रहे। स्काउट एवं गाइड दल के सदस्यों ने बुजुर्ग श्रद्धालुओं को दर्शन कराने तथा उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में सराहनीय सहयोग प्रदान किया।

मेले के दौरान अपर कलेक्टर श्री अश्विनी कुमार रावत सहित समस्त अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, कार्यपालिक दंडाधिकारी एवं विभिन्न विभागों के मैदानी कर्मचारी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में सक्रिय रहे।

श्रद्धालुओं के लिए की गईं विशेष व्यवस्थाएं

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए पृथक-पृथक स्नानागार बनाए गए थे। इससे स्नान व्यवस्था को व्यवस्थित एवं सुविधाजनक बनाने में सहायता मिली। इसके अतिरिक्त प्रशासन द्वारा निर्धारित नाई जोन में लगभग 250 नाइयों की व्यवस्था की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधा उपलब्ध हो सकी।

संभावित अग्निकांड की घटनाओं की रोकथाम एवं आपात स्थिति से निपटने के लिए मेला क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर अग्निशमन वाहनों की तैनाती की गई थी। स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस एवं चिकित्सकों की व्यवस्था भी की गई थी, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

भंडारों में श्रद्धालुओं ने ग्रहण की प्रसादी

मेले में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी भंडारों का आयोजन किया गया। सिरसा की ओर से लगातार 35 वर्षों से भंडारे की सेवा की जा रही है तथा इस वर्ष 51वें विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में श्रद्धालुओं के साथ पुलिस बल एवं मेला व्यवस्था में जुटे कर्मचारियों ने भी प्रसादी ग्रहण की। भंडारों के माध्यम से श्रद्धालुओं को सेवा एवं सहयोग की भावना के साथ प्रसादी वितरित की गई।

पृथक दर्शन मार्गों से सुचारु रही व्यवस्था

भीड़ नियंत्रण एवं श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन कराने के उद्देश्य से महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए पृथक दर्शन मार्ग निर्धारित किए गए थे। मार्गों पर सुरक्षा कर्मियों एवं तैनात कर्मचारियों द्वारा सतत निगरानी रखी गई, जिससे दर्शन व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने में सहायता मिली। मेले में न्यायाधीशों, जनप्रतिनिधियों तथा दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने भी पहुंचकर भगवान श्री शनिदेव के दर्शन किए। पूर्व कलेक्टर श्री एम.के. अग्रवाल ने भी रात्रि में भगवान शनिदेव का अभिषेक किया।

पेयजल, चिकित्सा, एम्बुलेंस, सुरक्षा, मार्गदर्शन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए प्रशासनिक अमले द्वारा निरंतर सेवाएं प्रदान की गईं। जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, विभिन्न विभागों के कर्मचारियों, स्काउट एवं गाइड दल तथा समाजसेवियों के समन्वित प्रयासों से शनिचरी अमावस्या का विशाल मेला शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। शनिधाम में उमड़े श्रद्धालुओं के सैलाब के बीच व्यवस्थाओं का सफल संचालन प्रशासनिक तत्परता, जनसेवा एवं समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण बना।
*अंबाह उपजेल में दिव्यांगता परीक्षण एवं पहचान शिविर आयोजित*
*8 बंदियों का किया गया परीक्षण, सभी में दिव्यांगता के लक्षण अथवा संभावना पाए जाने पर आगे की जांच के लिए किया चिह्नित*
मुरैना/ कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशानुसार तथा सामाजिक न्याय विभाग, मुरैना के उपसंचालक एवं डिप्टी कलेक्टर श्री आर.के. सिन्हा के मार्गदर्शन में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र एवं जिला दिव्यांग मेडिकल बोर्ड, मुरैना द्वारा अंबाह उपजेल में दिव्यांगता परीक्षण एवं पहचान शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों में संभावित दिव्यांगता की पहचान कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय जांच एवं पुनर्वास सेवाओं से जोड़ना था।

शिविर में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र एवं जिला दिव्यांग मेडिकल बोर्ड की विशेषज्ञ टीम द्वारा बंदियों का आवश्यकतानुसार परीक्षण एवं प्रारंभिक मूल्यांकन किया गया। इस दौरान शारीरिक, श्रवण, दृष्टि, मानसिक एवं बौद्धिक सहित विभिन्न प्रकार की संभावित दिव्यांगताओं की पहचान के लिए आवश्यक परीक्षण किए गए।

शिविर में कुल 8 बंदियों का परीक्षण किया गया। परीक्षण के दौरान सभी 8 बंदियों में दिव्यांगता के लक्षण अथवा संभावना पाए जाने पर उन्हें आगे की चिकित्सकीय जांच एवं दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी किए जाने की प्रक्रिया के लिए चिह्नित किया गया। साथ ही, उन्हें नियमानुसार दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी) तथा आवश्यक पुनर्वास सेवाओं से जोड़ने के संबंध में मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।

शिविर में अंबाह उपजेल अधीक्षक श्री रफी हुसैन सहित चिकित्सकीय दल एवं पुनर्वास विशेषज्ञ उपस्थित रहे। शिविर के सफल आयोजन में जेल प्रशासन तथा जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र, मुरैना के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि दिव्यांगता की समय पर पहचान एवं समुचित मूल्यांकन से संबंधित व्यक्तियों को उनकी आवश्यकतानुसार पुनर्वास सेवाएं, सहायक उपकरण, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र तथा शासन की विभिन्न दिव्यांगजन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहायता मिलती है।

जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र द्वारा जिले के विभिन्न संस्थानों एवं क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि दिव्यांगता से संबंधित जरूरतमंद व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें आवश्यक सेवाओं एवं सुविधाओं से लाभान्वित किया जा सके।
*सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत दिव्यांगजनों को वितरित किए 85 सहायक उपकरण*
मुरैना/ मध्यप्रदेश शासन के सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के तहत जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी), व्हीआईपी रोड, मुरैना में दिव्यांगजन सशक्तिकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं के अनुरूप उन्हें कुल 85 सहायक उपकरण वितरित किए गए।

कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशानुसार तथा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के उप संचालक एवं डिप्टी कलेक्टर श्री आर.के. सिन्हा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आवश्यक पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराना, उनकी जरूरतों का आकलन करना तथा सहायक उपकरणों के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सहयोग प्रदान करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की विशेषज्ञ टीम द्वारा दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं का परीक्षण एवं मूल्यांकन किया गया। इसके आधार पर पात्र हितग्राहियों को व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, बैसाखी, वॉकर, श्रवण यंत्र सहित अन्य आवश्यक सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इन उपकरणों से दिव्यांगजनों को दैनिक गतिविधियों के संचालन में सुविधा मिलेगी तथा उनकी गतिशीलता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

इस अवसर पर उपस्थित दिव्यांगजनों एवं उनके परिजनों को पुनर्वास सेवाओं, सहायक उपकरणों तथा दिव्यांगजन कल्याण के लिए संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी भी दी गई। साथ ही, पात्र हितग्राहियों तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने और दिव्यांगजनों की सामाजिक सहभागिता बढ़ाते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आरती गुर्जर, जिला अध्यक्ष श्री कमलेश कुशवाह, पूर्व विधायक श्री रघुराज सिंह कंषाना तथा समाजसेवी डॉ. योगेशपाल गुप्ता उपस्थित रहे। उन्होंने दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण, उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा उनके जीवन को सुगम बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
ई-विकास प्रणाली से किसानों की समस्याओं का होगा त्वरित निराकरण, विकासखंड स्तर पर कृषि अधिकारियों की तैनाती

मुरैना/ किसानों को ई-विकास प्रणाली से जुड़ी समस्याओं के निराकरण और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए मुरैना जिले के सभी विकासखंडों में कृषि विस्तार अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। कृषि विभाग द्वारा की गई इस व्यवस्था के तहत अधिकारी किसानों को ई-विकास प्रणाली की कार्यप्रणाली और उसके लाभों की जानकारी देंगे तथा उनकी समस्याओं के समाधान में सहयोग करेंगे।

संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, मध्यप्रदेश, भोपाल द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिए गए निर्देशों के पालन में उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, जिला मुरैना ने यह व्यवस्था की है। इसके तहत अम्बाह, पोरसा, मुरैना, जौरा, पहाड़गढ़, कैलारस और सबलगढ़ विकासखंडों में कृषि विस्तार अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अम्बाह विकासखंड में श्री ब्रम्हजीत सिंह तोमर (मोबाइल नंबर 9294775377) एवं श्री कुनाल टालोदिया (9826774218), पोरसा में श्री अंकित यादव (8171201034) एवं श्री सुरेन्द्र मीणा (7338267450), मुरैना में श्री अजय रघुवंशी (9754736343) एवं श्री अमित यादव (7790854659) को तैनात किया गया है।

इसी प्रकार जौरा विकासखंड में श्री रामेश्वर बरेलिया (9827802104) एवं श्री विवेक राजपूत (7999899418), पहाड़गढ़ में श्री रविन्द्र ठाकुर (6269900451) एवं श्री प्रदीप सोलंकी (8720039307), कैलारस में श्री वीर सिंह जाटव (9131525353) एवं श्री जॉनी खांन (7771020394) तथा सबलगढ़ में श्री मुकेश शाक्य (9465584512) एवं सुश्री प्रियंका सिसौदिया (9516852823) को जिम्मेदारी दी गई है।

संबंधित विकासखंडों के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे। वे ई-विकास प्रणाली के क्रियान्वयन की निगरानी करने के साथ किसानों को इसके उपयोग और लाभों के प्रति जागरूक करेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को प्रणाली से संबंधित जानकारी और सहायता आसानी से उपलब्ध कराना तथा उनकी समस्याओं का समय पर निराकरण सुनिश्चित करना है।
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कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक  ने शनिश्चरी अमावस्या पर शनि मंदिर में किया अभिषेक
मुरैना/ शनिश्चरी अमावस्या के पावन अवसर पर कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ एवं पुलिस अधीक्षक श्री धर्मराज मीणा ने ग्राम ऐंती स्थित प्रसिद्ध शनि मंदिर में मध्यरात्रि को भगवान शनिदेव का विधि-विधान से अभिषेक कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने भगवान शनिदेव को तेल, काले वस्त्र, जनेऊ, उड़द सहित विभिन्न पूजन सामग्री अर्पित की तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं जनकल्याण की कामना की।
*सैनिकों का त्याग, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत – कृषि मंत्री श्री कंषाना*

*सेवा संकल्प अभियान के तहत भूतपूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों का सम्मान, शॉल-श्रीफल भेंट कर किया अभिनंदन*

*शहीद स्मारक मुरैना में आयोजित हुआ सम्मान समारोह, राष्ट्रसेवा के प्रति सैनिकों के योगदान को किया नमन*

मुरैना/सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ की भावना के अनुरूप शुक्रवार को जिला सैनिक कल्याण कार्यालय द्वारा शहीद स्मारक, मुरैना में भूतपूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं उनके परिवारों के सम्मान में समारोह आयोजित किया गया। समारोह में प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री ऐदल सिंह कंषाना सहित जनप्रतिनिधियों ने सैनिकों एवं उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन्हें शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।

कृषि मंत्री श्री ऐदल सिंह कंषाना ने कहा कि देश की सुरक्षा में सैनिकों का समर्पण, त्याग और बलिदान पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। भारतीय सैनिक विषम परिस्थितियों में भी अदम्य साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा करते हैं। युद्धकाल हो अथवा शांति का समय, सैनिकों का राष्ट्र के प्रति समर्पण और देशभक्ति सदैव अनुकरणीय रही है। सैनिकों के त्याग एवं शौर्य के कारण ही देश की सीमाएं सुरक्षित हैं और प्रत्येक नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस करता है। भूतपूर्व सैनिकों का योगदान भी राष्ट्र निर्माण की अमूल्य धरोहर है, जिसे सदैव सम्मान और कृतज्ञता के साथ स्मरण किया जाना चाहिए।

कृषि मंत्री श्री कंषाना ने वीर नारियों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका साहस, धैर्य और त्याग समाज के लिए अनुकरणीय है। अपने प्रियजनों को राष्ट्रसेवा में समर्पित करने के बाद भी जिस दृढ़ता और आत्मबल के साथ वे जीवन की चुनौतियों का सामना करती हैं, वह अद्वितीय है। वीर नारियां केवल शहीद सैनिकों के परिवारों का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं, बल्कि वे त्याग, संकल्प और राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा की सशक्त प्रतीक हैं। उनका संघर्ष और आत्मविश्वास समाज को विपरीत परिस्थितियों में भी दृढ़ रहने की प्रेरणा देता है।

समारोह में महापौर श्रीमती सारदा सोलंकी ने भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों का अभिनंदन करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए सैनिक जिस समर्पण, साहस और त्याग के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं, वह प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणादायी है। सैनिकों एवं उनके परिवारों का सम्मान करना समाज का दायित्व है। उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना को और अधिक सुदृढ़ करता है।

समारोह के दौरान श्रीमती रेखा तोमर, श्रीमती कृष्णा शर्मा, श्रीमती राजकुमारी, श्रीमती गीता देवी, श्रीमती आशन देवी एवं श्रीमती मीरा देवी सहित अन्य का शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, मुरैना लेफ्टिनेंट कैप्टन (सेवानिवृत्त) श्री पाण्डे ने स्वागत भाषण दिया। 

इस अवसर पर  जिलाध्यक्ष श्री कमलेश कुशवाह, पूर्व विधायक श्री राकेश मावई, श्री बलवीर डंडोतिया, समाजसेवी डॉ. योगेशपाल गुप्ता, नगर निगम आयुक्त श्री सत्येन्द्र धाकरे, श्री हमीर सिंह पटेल सहित भूतपूर्व सैनिक, शहीदों की वीर नारियां, उनके परिजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
*कैलारस में पांच दिवसीय द्वितीय सोपान जांच शिविर का आयोजन तीनों विकासखंडों के कुल 118 स्काउट-गाइड छात्र-छात्राओं ने लिया भाग*
**मुरैना/कैलारस,** भारत स्काउट एवं गाइड, मध्यप्रदेश जिला संघ मुरैना के तत्वावधान में कैलारस, पहाड़गढ़ एवं सबलगढ़ विकासखंडों के स्काउट-गाइड विद्यार्थियों के लिए पांच दिवसीय द्वितीय सोपान जांच शिविर का आयोजन दिनांक 5 अक्टूबर से 9 अक्टूबर 2026 तक शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कैलारस में किया जा रहा है। शिविर में तीनों विकासखंडों के कुल 118 स्काउट-गाइड छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। शिविर के दौरान विद्यार्थियों को स्काउटिंग एवं गाइडिंग के विभिन्न कौशलों, अनुशासन, सेवा भावना, आत्मनिर्भरता तथा नेतृत्व क्षमता से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया गया एवं प्रवेश पाठ्यक्रम से लेकर द्वितीय सोपान तक की जांच की गई। 

शिविर के अंतर्गत 8 अक्टूबर को भव्य **कैंप फायर कार्यक्रम** का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत स्काउट एवं गाइड, मध्यप्रदेश के राज्य मुख्य आयुक्त एवं पूर्व सांसद तथा महापौर माननीय अशोक अर्गल जी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी राजेंद्र प्रसाद शुक्ला ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रिया सिंह, जिला सचिव श्री शेखर सिंह यादव, बीआरसीसी कैलारस तथा भारत स्काउट एवं गाइड जिला संघ मुरैना के आजीवन सदस्य एवं तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष  रामनरेश डंडोतिया उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि माननीय श्री अशोक अर्गल ने अपने संबोधन में कहा कि स्काउटिंग एवं गाइडिंग विद्यार्थियों में अनुशासन, सेवा, सहयोग, नेतृत्व और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है। इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शिविर में सीखे गए कौशलों और जीवन मूल्यों को अपने दैनिक जीवन में अपनाएं तथा जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहें।

विशिष्ट अतिथि विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रिया सिंह ने कहा कि स्काउट-गाइड गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनसे विद्यार्थियों में अनुशासन, समयबद्धता, टीम भावना, जिम्मेदारी और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ इस प्रकार की रचनात्मक एवं व्यवहारिक गतिविधियों में भाग लेना विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उपयोगी है। उन्होंने शिविर में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षण मंडल के प्रयासों की सराहना की।
<nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

 कैंप फायर कार्यक्रम में स्काउट-गाइड छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता, सांस्कृतिक अभिरुचि और सामूहिक सहभागिता का परिचय दिया। उपस्थित अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
पांच दिवसीय शिविर का संचालन शिविर संचालक श्री मुकुट सिंह सिकरवार द्वारा किया जा रहा है। शिविर के सफल आयोजन में सहयोगी श्री महेंद्र अटल, प्राचार्य श्रीमती प्रीति शर्मा, श्री राजेंद्र शुक्ला, राम अवतार धाकड़, राजकिशोर शर्मा, श्रीमती माया सिंह,कोशल जेन तथा प्रशिक्षण मंडल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का मंच संचालन सहायक राज्य संगठन आयुक्त स्काउट वीर सिंह यादव ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन  श्रीमती प्रीति शर्मा प्राचार्य द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों, स्काउटर-गाइडर तथा प्रशिक्षण मंडल ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्काउटिंग के सिद्धांतों एवं व्यावहारिक कौशलों से परिचित कराते हुए उन्हें अनुशासित, जिम्मेदार, सेवाभावी और आत्मविश्वासी नागरिक बनाना है।
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शनि मंदिर की ट्रैफिक व्यवस्था संबंधी जानकारी

दिनांक 09-10.10.26 को शनिचरी अमावस्या के सुअवसर पर शनि महाराज मंदिर पर एक दिवसीय मेले का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें शनि महाराज के दर्शन हेतु लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के विभिन्न प्रकार के वाहनों से आने की प्रबल संभावना है, श्रद्धालुओं के आवागमन को दृष्टिगत रखते हुये यातायात का सुचारू रूप से संचालन हो सके, इस हेतु डायवर्सन रूट प्लान तैयार किया गया है, जिससे कि आमजन को आवागमन में असुविधा न हो सके।

आमजन के लिये यातायात पुलिस की मार्ग व्यवस्था :-

ग्वालियर एवं बानमौर से शनि मंदिर जाने का मार्ग

ग्वालियर तरफ से आने वाले श्रद्वालुओं के लिये शनि मंदिर जाने हेतु पिपरसेवा चौराहा से शनिचरा रेलवे स्टेशन क्रोसिंग, गढाजर एवं वन चौकी से होकर सभी श्रद्धालुगण शनिचरा मंदिर पहुंचने हेतु मुख्य मार्ग का उपयोग करेंगें।

बामौर से फूलपुर खासारामपुरा की पुलिया, माटौली, बरईपुरा, भूराडाणा, पाहरौली से शनिचरा रेलवे स्टेशन तिराहा से गढ़ाजर एवं वन चौकी से होकर सभी श्रद्धालुगण शनिचरा मंदिर पहुंचेगे।

नूराबाद से शनि मंदिर तक जाने वाला मार्ग

नूराबाद, खरगपुर, रंचौली एवं रांसू मार्ग से होते हुए सभी श्रद्धालुगण शनिचरा मंदिर पहुंचने हेतु मुख्य मार्ग निर्धारित किया गया है। अत्त. सभी श्रद्धालुगण शनिचरा मंदिर पहुंचने हेतु नूराबाद का मुख्य मार्ग के रूप में उपयोग करेंगें।

शनि मंदिर तक जाने वाला व्हीआईपी मार्ग

करहधाम टेकरी कट प्वाइंट से जरार, चुरहेला, बिछौला, बमरौली से रांसू मार्ग होते हुए श्रद्धालुगण के शनिचरा मंदिर पहुंचने हेतु मुख्य मार्ग निर्धारित किया गया है। अत्त. सभी श्रद्धालुगण शनिचरा मंदिर पहुंचने हेतु करहधाम टेकरी का मुख्य मार्ग के रूप में उपयोग करेंगें।

भिण्ड रिठौरा एवं जिज्ञासा से शनि मंदिर जाने का मार्ग

रिठौरा से ऐंती गांव एवं पौड़े वाले हनुमानजी मंदिर होते हुए सभी श्रद्धालुगण शनिवरा मंदिर पहुंचेगे।

-: पार्किंग व्यवस्था :-

बामौर की ओर से आने वाले बड़े वाहन (ट्रेक्टर-ट्रॉली, टाटा-407, केंटर, ट्रक, बस आदि) से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहनों को बामौर रेलवे स्टेशन के पास स्थित पार्किंग क्र. 02 एवं विश्राम गृह के सामने के पास पार्किंग क्र 03 में पार्क कर सकेंगे।

ग्वालियर, पिपरसेवा मार्ग से शनि मंदिर की ओर आने वाले श्रद्धालु अपने भारी वाहन तथा ट्रेक्टर ट्रॉली, टाटा-407, केंटर, ट्रक, बस आदि की ओर से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहनों को रेलवे स्टेशन के पास स्थित पार्किंग क्र. 01, गढाजर तिराहे के पास बनी पार्किंग क्र. 04 एवं 05, 5ए (दो पहिया वाहनों के लिए) साथ ही वन चौकी के पास बनी पार्किंग क्रमांक 06 में अपने वाहनों को पार्क करेंगें।
सहयोगी जनता-सक्रिय पुलिस-सुरक्षित समाज

रिठौरा की तरफ से आने वाले श्रद्धालु अपने दो पहिया वाहनों की पौड़े वाले हनुमानजी मंदिर के पास पार्किंग क्र. 07 में अपने वाहनों को पार्क करेगें एवं चार पहिया वाहनों को ऐती गांव के पास बनी पार्किंग क्र.08 में अपने वाहनों को पार्क करेगें।

मुरैना-नूराबाद-रांसू की तरफ से शनिमंदिर की ओर से आने वाले श्रद्धालु अपने दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों को रांसू रोड पार्किंग क्र. 09 में एवं भारी वाहनों को झरना सरकार कट पोइंट रांसू रोड़ पर बनी पार्किंग क्र. 10 में अपने वाहनों को पार्क कर सकेगें।
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