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Kunwar Singh Kerai

@localindia
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मेरे परिवार को न्याय के मंदिर में जाकर भी न्याय नहीं मिली , क्यों लोग लोग इतना कटोर हो गए हैं
हमारा देश में न्याय की मंदिर क्यों खराब हो रही है? फिर बार वीरों को जन्म होना होगा महात्मा गांधी, भगत सिंह, के रूप में
बरकनी में स्वतंत्र दिवस कुछ इस अंदाज में मनाया गया, ताकि बच्चे ऐसे ही देश को सजाते विकास करते रहे सदा,
नशा कब तक  हम और हमारा समाज, परिवार, देश प्रकृति को सताते रहेंगे, क्यों सरकार इतना अज्ञान हो गई है, क्यों नहीं समझ रहा ह
मध्य विधालय रोलाडीह का छात्र का क्या कहा सही है, शिक्षा को क्यों लोग मज़ाक बना रहे है
भारत कृषि देश कहा जाता है,पर क्यों प्रकृति के साथ इतना दुर्व्योहार करते हैं लोग, भारत कैसे बचेगा या देश, और हम
खेतों में पानी कम हो गई है, और अभी भी किसान को बारिश का इंतजार है, क्यों प्रकृति इतना नाराज हो गई,
नशा जैसा नशीले पदार्थ को क्यों मान्यता देती है सरकार , प्रकृति को इससे खराब हो रही है, देश और समाज का संतुलन खराब हो गई,
सिंगबोगा का रूप को हम देख रहे हैं, इस धरती में
हमें प्रकृति आपदा से प्रभावित हो चुके है, कैसे रहे हम ,पूरा प्राकृतिक से अखंडता बनाए रखे, ताकि भविष्य में हम खुश रहे
झारखण्ड में खेती में तोड़ा सा देरी, फिर भी बारिश होने की उम्मीद है किसानों को
नशा मुक्त अभियान को हम सब की जिम्मेवारी इसे खत्म करने की
बरकानी में अनाधिकृत जमीन बंटवारा से दोनों परिवार उलझन की स्थिति बनी हुई है, मनकी केराई और डीवी राम केराई मौजूद थे
बरकानी में ग्रामीण मनकी केराई और डीवीराम केराई के द्वारा अनाधिकृत जमीन बंटवारा से परिवार में उलझन की स्थिति बनी हुई है
बरकानी गांव में एक पेड़ गिरने से नरंगा गागराई के कच्चे  मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया, इस  बेसहारा परिवार को को सयोग करे
बरकानी से पेड़ के नीचे बैठे बच्चे संघर्ष कर रहे हैं, अपने बच्चो को पढ़ने के लिए हर संभव कोशिश कीजिए
मोराडीह में परंपरा रूप मिला इस छौ नृत्य, एक बहरीन यादगार पल के रूप में याद रखा जायेगा
बरकानी में पेशा कानून और गांव की समस्या को लेकर ग्राम सभा बैठक हुई, ग्राम सभा ही विकास का आधार है,
धरती को बचाओ मेरे आदिवासी धरती मां मुस्किल स्तिथि में है, प्राकृतिक से प्रेम करे सब
आज कल लोग क्यों धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं, और कैसे सतर्क रहें सकते है,
पश्चिम सिंहभूम झारखंड में कई जगह पर ओला बारी आई तूफ़ान से जन जीवन अस्त व्यस्त, कई संपति भी छती ग्रस्त
पश्चिम सिंहभूम झारखंड में कई क्षेत्रों में ओला बारी के साथ आंधी तूफान से जन जीवन अस्त व्यस्त
क्यों लोग प्राकृतिक को कदर नहीं करते , क्या इसके हम कहीं है
प्राकृतिक ने अपना रूप बदल दिया है, जो सभी जीव के लिए जीवन खतरा स्तिथि में है, क्यों लोग प्राकृतिक को अपमान करते हैं?
बरकानी जागेन में कुछ और आकर्षक रूप देखने को मिला