Public App Logo
Profile Picture

AK24 News Himachal

@jaimarutidev672
1584Followers
278Following
🙏 मानवता की पुकार – आइए जय जी की मदद करें 🙏
नाम: जय 🚩🚩🙏🏼

पिता: हिमन्त राम 
गांव: कोटली डाकघर–खालानू , तहसील, कोटली सदर, जिला मंडी, हिमाचल प्रदेश

📲 सहयोग हेतु (GPay): 8679021831

जय जी को लगभग 3 साल से लिवर की बीमारी से जूझ रहे हैं । अब यह कैंसर का रूप ले चुकी है। वर्तमान में उनका उपचार PGI चंडीगढ़ में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार इलाज लंबा और खर्चीला है।

जय जी ड्राइवर मजदूर हैं और अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य हैं।  आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इलाज का खर्च उठाना उनके लिए बेहद कठिन हो गया है।

🙏 आइए, मानवता का परिचय दें।
आपका छोटा-सा सहयोग भी जय जी के इलाज में बड़ी मदद बन सकता है। यदि आर्थिक सहयोग संभव न हो, तो कृपया इस अपील को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें, ताकि जरूरतमंद तक सहायता पहुंच सके।

📲 GPay / PhonePe / UPI:

 8679021831  (जय )
 सभी समाजसेवियों और प्रदेशवासियों से अपील करता है कि अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग करें और जय जी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करें।

🙏 एक छोटी-सी मदद, किसी के जीवन की नई उम्मीद बन सकती है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=helpdesk nis:value=helpdesk nis:enabled=true nis:link/>  <nis:link nis:type=tag nis:id=cancersupport nis:value=CancerSupport nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=pgichandigarh nis:value=PGIChandigarh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mandi nis:value=Mandi nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=himachalpradesh nis:value=HimachalPradesh nis:enabled=true nis:link/>
श्रीखंड यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध, चोरी-छिपे जा रहे श्रद्धालुओं से हादसे का खतरा; क्षेत्र में धारा 163 लागू
प्रशासन ने श्रीखंड यात्रा पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इसके बावजूद, कुछ स्थानीय लोग चोरी-छिपे गानवी-फांचा सड़क मार्ग से यात्रा पर निकल रहे हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की संभावना बनी हुई है। सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र में धारा 163 लागू करने की सूचना है।
गौरतलब है कि स्थानीय लोग लंबे समय से इस क्षेत्र से आधिकारिक तौर पर श्रीखंड यात्रा शुरू करने की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में ग्राम पंचायत के उपप्रधान सुभाष ने बताया कि प्रशासन के सख्त आदेशानुसार क्षेत्र में यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है और लोगों से नियमों का पालन करने की अपील की गई है।
हिमाचल में आई पुलिस 734 पदों पर भर्ती नोटिफिकेशन जारी 
Male491, female 243
3 वर्षीय मासूम बच्ची की सड़क हादसे में गई जान   बोलेरो कैंपर का चालक गिरफ्तार 

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के नशाला गांव से एक बेहद दुखद सड़क हादसे की खबर सामने आई है। रविवार दोपहर करीब 3 बजे सड़क किनारे जा रही 3 वर्षीय मासूम बच्ची ध्यान्बी को एक बोलेरो कैंपर ने कथित रूप से टक्कर मार दी। हादसे में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने आरोपी वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे नशाला गांव में शोक का माहौल है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
रामपुर उपमंडल में एचआरटीसी बस दुर्घटनाग्रस्त, दो लोगों की मृ**त्यु, घायलों का उपचार जारी

- प्रशासन ने मृत--क के परिजनों को 20 हजार रुपये की फौरी राहत जारी की

शिमला, 15 जुलाई।

जिला शिमला के रामपुर उपमंडल में बुधवार देर शाम एक दु.खद सड़क दुर्घटना में दो लोगों की मृ..त्यु हो गई, जबकि कई अन्य यात्री घायल हो गए। दुर्घ.टना शाम लगभग 6:30 बजे उस समय हुई, जब रामपुर–खड़ाहण–कोटाधार–खोलीघाट मार्ग पर चल रही हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बस (एचपी 06ए 6454) गरटोला नामक स्थान के समीप अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस में लगभग 22 यात्री सवार थे। हादसे में बस के परिचालक जय प्रकाश नेगी, निवासी गांव घड़ोली, डाकघर खुनी, तहसील ननखड़ी तथा 72 वर्षीय डाकू राम पुत्र कालूराम, निवासी गांव शाहदू, तहसील ननखड़ी की मौके पर ही मृ..त्यु हो गई।

उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृत..कों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा राहत नियमों के तहत स्थानीय मृतक  के परिजनों को -20 हजार रुपये की फौरी राहत राशि तत्काल जारी कर दी गई है। अन्य मृतक की रिपोर्ट आने के तुरंत बाद फौरी राहत जारी की जाएगी।

उन्होंने कहा कि दुर्घटना में घायल सभी यात्रियों को उपचार के लिए महात्मा गांधी सेवा चिकित्सा परिसर, खनेरी (रामपुर) लाया जा रहा है, जहां चिकित्सकों की टीम द्वारा उनका प्राथमिक उपचार एवं आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उपायुक्त ने बताया कि प्रशासन की टीम घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई है। वहीं, एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र नेगी अस्पताल में मौजूद रहकर उपचार एवं राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं, ताकि घायलों को समय पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

जिला प्रशासन ने कहा है कि दुर्घटना से  प्रभावित परिवारों और घायलों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।
शिमला। देवभूमि हिमाचल के लोग देवी-देवताओं को अपने जीवन का अभिन्न अंग मानते हैं। लोग अपने देवताओं को केवल पूजनीय नहीं, बल्कि संरक्षक भी मानते हैं। यहां हर गांव का अपना स्थानीय देवता या देवी होती है। इन देवताओं की अपनी मान्यताएं और परंपराएं होती हैं, जिन्हें पीढ़ियों से निभाया जाता रहा है।

देवी-देवताओं की राय
देवता केवल पूजा तक सीमित नहीं रहते, बल्कि किसी भी शुभ कार्य, त्योहार या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले देवी-देवताओं की राय ली जाती है। हिमाचल में देव परंपरा की एक विशेषता यहां की देव पालकी यात्रा है। यह परंपरा सदियों पुरानी है, जिसमें गांव के देवता की पालकी भक्तों द्वारा कंधे पर उठाकर यात्रा करवाई जाती है। पालकी यात्रा के दौरान भक्त नाचते-गाते हैं और भक्ति में लीन हो जाते हैं।

यह भी पढ़ें : हिमाचल के वो देवता साहिब- जिनकी लाल जटाओं में वास करती हैं एक लाख कालियां
चढ़ता है मुर्दे का कफन
आज के अपने इस लेख में हम आपको हिमाचल के एक ऐसे देवता साहिब के बारे में बताएंगे- जिनके मंदिर में मुर्दे का कफन चढ़ाते हैं। यह देवता साहिब शमशान में चिता पर बैठ उलटे बाजे पर भी नृत्य किया करते थे।

देवता साहिब की मशहूर कहावत
देवता साहिब के बारे में एक मशहूर कहावत है कि-

देओ ले देओ, भूता ले भूत , राक्सा ले राक्स 
हम बात कर रहे हैं रथ पर भी जनेऊ धारण करने वाले कोटगढ़ के आराध्य देवता साहिब मारिच्छ जी की। इन देवता साहिब को 11 प्रजापतियों में से चौथा प्रजापति माना जाता है। सप्त ऋषियों में इन देवता साहिब जी की गिनती की जाती है
सीधे-सीधे नहीं देख सकते थे लोग
बताते हैं कि, 18 बाणों और असंख्य शक्तियों के मालिक देवता मरिछ जी का पुराना स्वरूप कुछ ऐसा था कि अगर कोई व्यक्ति सीधे-सीधे उन्हें देख ले, तो उसे चटका लग जाती थी। इस कारण से देवता जी बाहर निकलने पर लोग या तो अपने घरों में बंद हो जाते थे या फिर तौंग से झांककर देवता जी के दर्शन करते थे।
उल्टे बाजे पर नाचते थे देवता
वहीं, अगर इसके बावजूद किसी को देवता जी की ‘चटका’ लग गई तो, उसे शाड़ी और ह्वारी यानी एक टोकरी अनाज लेकर देवता जी के पास जाना पड़ता था- तब उसकी चटका ठीक होती थी। पुराने समय में ये देव अपने गूर के शरीर में प्रवेश कर श्मशान में उल्टे बाजे पर नृत्य भी करते थे मगर अब ये परंपरा बंद कर दी गई है।

मृतक के नाखूनों और बालों का धुआं
वहीं, देवता मारिच्छ जी के क्षेत्र में किसी की मृत्यु होने पर मरने वाले व्यक्ति पर चढ़े कफन को मंदिर में लाकर देवता जी के वजीर नजेरू जी के स्तंभ पर चढ़ाया जाता था। इसके बाद मृतक के नाखून और बाल को देवता जी के धनैरे में डाला जाता था और जब देवता अपने गूर में प्रवेश करते थे, तो इसी धनैरे से निकलने वाले धुएं से धूनी लेते थे।
हिमाचल में युवती से दहेज में गाड़ी मिलने के बाद मांग रहे थे बुलेट बाइक…तंग आकर युवती ने उठाया खौफनाक कदम मायका पक्ष ने शवगृह के बाहर किया हंगामा....😢हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है चताड़ा गांव की रहने वाली सीमा की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया था। आशंका जताई जा रही है कि उसने किसी जहरीले पदार्थ का सेवन किया था..😢गंभीर हालत को देखते हुए सीमा को पहले क्षेत्रीय अस्पताल ऊना फिर निजी अस्पताल और बाद में पंजाब के अस्पताल रेफर किया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई..😢
पोस्टमार्टम के दौरान मायका पक्ष के लोग बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों का आरोप है कि सीमा को दहेज के लिए परेशान किया जाता था और उसके साथ मारपीट की जाती थी...😡फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित सभी पहलुओं के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है...🙏🏻🙏🏻
पुलिस ने काटा 3000 का चालान : शिमला
सोलन। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। पत्नी को पहाड़ों पर घुमाने के बहाने लाकर पति ने 100 मीटर गहरी खाई में धकेल दिया। धक्का देने से पहले चाकू से उसका गला भी रेत दिया, लेकिन गनीमत रही कि महिला की जान बच गई। पुलिस ने साजिश का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपितों को वारदात के महज आधे घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। 

भाई व दोस्त के साथ मिलकर की वारदात
आरोप है कि पति ने अपने सगे भाई और दोस्त के साथ मिलकर पत्नी की हत्या की योजना बनाई, उसे उत्तर प्रदेश से घूमने के बहाने सोलन लाया और सुनसान स्थान पर गला रेतने के बाद करीब 80 से 100 मीटर गहरी खाई में धक्का देकर फेंक दिया। गंभीर रूप से घायल महिला झाड़ियों के सहारे किसी तरह सड़क तक पहुंची, जहां स्थानीय लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाई।
रामपुर उपमंडल में एचआरटीसी बस दुर्घटनाग्रस्त, दो लोगों की मृ**त्यु, घायलों का उपचार जारी

- प्रशासन ने मृत--क के परिजनों को 20 हजार रुपये की फौरी राहत जारी की

शिमला, 15 जुलाई।

जिला शिमला के रामपुर उपमंडल में बुधवार देर शाम एक दु.खद सड़क दुर्घटना में दो लोगों की मृ..त्यु हो गई, जबकि कई अन्य यात्री घायल हो गए। दुर्घ.टना शाम लगभग 6:30 बजे उस समय हुई, जब रामपुर–खड़ाहण–कोटाधार–खोलीघाट मार्ग पर चल रही हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बस (एचपी 06ए 6454) गरटोला नामक स्थान के समीप अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस में लगभग 22 यात्री सवार थे। हादसे में बस के परिचालक जय प्रकाश नेगी, निवासी गांव घड़ोली, डाकघर खुनी, तहसील ननखड़ी तथा 72 वर्षीय डाकू राम पुत्र कालूराम, निवासी गांव शाहदू, तहसील ननखड़ी की मौके पर ही मृ..त्यु हो गई।

उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृत..कों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा राहत नियमों के तहत स्थानीय मृतक  के परिजनों को -20 हजार रुपये की फौरी राहत राशि तत्काल जारी कर दी गई है। अन्य मृतक की रिपोर्ट आने के तुरंत बाद फौरी राहत जारी की जाएगी।

उन्होंने कहा कि दुर्घटना में घायल सभी यात्रियों को उपचार के लिए महात्मा गांधी सेवा चिकित्सा परिसर, खनेरी (रामपुर) लाया जा रहा है, जहां चिकित्सकों की टीम द्वारा उनका प्राथमिक उपचार एवं आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उपायुक्त ने बताया कि प्रशासन की टीम घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई है। वहीं, एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र नेगी अस्पताल में मौजूद रहकर उपचार एवं राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं, ताकि घायलों को समय पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

जिला प्रशासन ने कहा है कि दुर्घटना से  प्रभावित परिवारों और घायलों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।
3 वर्षीय मासूम बच्ची की सड़क हादसे में गई जान   बोलेरो कैंपर का चालक गिरफ्तार 

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के नशाला गांव से एक बेहद दुखद सड़क हादसे की खबर सामने आई है। रविवार दोपहर करीब 3 बजे सड़क किनारे जा रही 3 वर्षीय मासूम बच्ची ध्यान्बी को एक बोलेरो कैंपर ने कथित रूप से टक्कर मार दी। हादसे में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने आरोपी वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे नशाला गांव में शोक का माहौल है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
सोलन। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। पत्नी को पहाड़ों पर घुमाने के बहाने लाकर पति ने 100 मीटर गहरी खाई में धकेल दिया। धक्का देने से पहले चाकू से उसका गला भी रेत दिया, लेकिन गनीमत रही कि महिला की जान बच गई। पुलिस ने साजिश का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपितों को वारदात के महज आधे घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। 

भाई व दोस्त के साथ मिलकर की वारदात
आरोप है कि पति ने अपने सगे भाई और दोस्त के साथ मिलकर पत्नी की हत्या की योजना बनाई, उसे उत्तर प्रदेश से घूमने के बहाने सोलन लाया और सुनसान स्थान पर गला रेतने के बाद करीब 80 से 100 मीटर गहरी खाई में धक्का देकर फेंक दिया। गंभीर रूप से घायल महिला झाड़ियों के सहारे किसी तरह सड़क तक पहुंची, जहां स्थानीय लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाई।
पुलिस ने काटा 3000 का चालान : शिमला
शिमला। देवभूमि हिमाचल के लोग देवी-देवताओं को अपने जीवन का अभिन्न अंग मानते हैं। लोग अपने देवताओं को केवल पूजनीय नहीं, बल्कि संरक्षक भी मानते हैं। यहां हर गांव का अपना स्थानीय देवता या देवी होती है। इन देवताओं की अपनी मान्यताएं और परंपराएं होती हैं, जिन्हें पीढ़ियों से निभाया जाता रहा है।

देवी-देवताओं की राय
देवता केवल पूजा तक सीमित नहीं रहते, बल्कि किसी भी शुभ कार्य, त्योहार या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले देवी-देवताओं की राय ली जाती है। हिमाचल में देव परंपरा की एक विशेषता यहां की देव पालकी यात्रा है। यह परंपरा सदियों पुरानी है, जिसमें गांव के देवता की पालकी भक्तों द्वारा कंधे पर उठाकर यात्रा करवाई जाती है। पालकी यात्रा के दौरान भक्त नाचते-गाते हैं और भक्ति में लीन हो जाते हैं।

यह भी पढ़ें : हिमाचल के वो देवता साहिब- जिनकी लाल जटाओं में वास करती हैं एक लाख कालियां
चढ़ता है मुर्दे का कफन
आज के अपने इस लेख में हम आपको हिमाचल के एक ऐसे देवता साहिब के बारे में बताएंगे- जिनके मंदिर में मुर्दे का कफन चढ़ाते हैं। यह देवता साहिब शमशान में चिता पर बैठ उलटे बाजे पर भी नृत्य किया करते थे।

देवता साहिब की मशहूर कहावत
देवता साहिब के बारे में एक मशहूर कहावत है कि-

देओ ले देओ, भूता ले भूत , राक्सा ले राक्स 
हम बात कर रहे हैं रथ पर भी जनेऊ धारण करने वाले कोटगढ़ के आराध्य देवता साहिब मारिच्छ जी की। इन देवता साहिब को 11 प्रजापतियों में से चौथा प्रजापति माना जाता है। सप्त ऋषियों में इन देवता साहिब जी की गिनती की जाती है
सीधे-सीधे नहीं देख सकते थे लोग
बताते हैं कि, 18 बाणों और असंख्य शक्तियों के मालिक देवता मरिछ जी का पुराना स्वरूप कुछ ऐसा था कि अगर कोई व्यक्ति सीधे-सीधे उन्हें देख ले, तो उसे चटका लग जाती थी। इस कारण से देवता जी बाहर निकलने पर लोग या तो अपने घरों में बंद हो जाते थे या फिर तौंग से झांककर देवता जी के दर्शन करते थे।
उल्टे बाजे पर नाचते थे देवता
वहीं, अगर इसके बावजूद किसी को देवता जी की ‘चटका’ लग गई तो, उसे शाड़ी और ह्वारी यानी एक टोकरी अनाज लेकर देवता जी के पास जाना पड़ता था- तब उसकी चटका ठीक होती थी। पुराने समय में ये देव अपने गूर के शरीर में प्रवेश कर श्मशान में उल्टे बाजे पर नृत्य भी करते थे मगर अब ये परंपरा बंद कर दी गई है।

मृतक के नाखूनों और बालों का धुआं
वहीं, देवता मारिच्छ जी के क्षेत्र में किसी की मृत्यु होने पर मरने वाले व्यक्ति पर चढ़े कफन को मंदिर में लाकर देवता जी के वजीर नजेरू जी के स्तंभ पर चढ़ाया जाता था। इसके बाद मृतक के नाखून और बाल को देवता जी के धनैरे में डाला जाता था और जब देवता अपने गूर में प्रवेश करते थे, तो इसी धनैरे से निकलने वाले धुएं से धूनी लेते थे।
श्रीखंड यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध, चोरी-छिपे जा रहे श्रद्धालुओं से हादसे का खतरा; क्षेत्र में धारा 163 लागू
प्रशासन ने श्रीखंड यात्रा पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इसके बावजूद, कुछ स्थानीय लोग चोरी-छिपे गानवी-फांचा सड़क मार्ग से यात्रा पर निकल रहे हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की संभावना बनी हुई है। सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र में धारा 163 लागू करने की सूचना है।
गौरतलब है कि स्थानीय लोग लंबे समय से इस क्षेत्र से आधिकारिक तौर पर श्रीखंड यात्रा शुरू करने की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में ग्राम पंचायत के उपप्रधान सुभाष ने बताया कि प्रशासन के सख्त आदेशानुसार क्षेत्र में यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है और लोगों से नियमों का पालन करने की अपील की गई है।
🙏 मानवता की पुकार – आइए जय जी की मदद करें 🙏
नाम: जय 🚩🚩🙏🏼

पिता: हिमन्त राम 
गांव: कोटली डाकघर–खालानू , तहसील, कोटली सदर, जिला मंडी, हिमाचल प्रदेश

📲 सहयोग हेतु (GPay): 8679021831

जय जी को लगभग 3 साल से लिवर की बीमारी से जूझ रहे हैं । अब यह कैंसर का रूप ले चुकी है। वर्तमान में उनका उपचार PGI चंडीगढ़ में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार इलाज लंबा और खर्चीला है।

जय जी ड्राइवर मजदूर हैं और अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य हैं।  आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इलाज का खर्च उठाना उनके लिए बेहद कठिन हो गया है।

🙏 आइए, मानवता का परिचय दें।
आपका छोटा-सा सहयोग भी जय जी के इलाज में बड़ी मदद बन सकता है। यदि आर्थिक सहयोग संभव न हो, तो कृपया इस अपील को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें, ताकि जरूरतमंद तक सहायता पहुंच सके।

📲 GPay / PhonePe / UPI:

 8679021831  (जय )
 सभी समाजसेवियों और प्रदेशवासियों से अपील करता है कि अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग करें और जय जी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करें।

🙏 एक छोटी-सी मदद, किसी के जीवन की नई उम्मीद बन सकती है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=helpdesk nis:value=helpdesk nis:enabled=true nis:link/>  <nis:link nis:type=tag nis:id=cancersupport nis:value=CancerSupport nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=pgichandigarh nis:value=PGIChandigarh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mandi nis:value=Mandi nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=himachalpradesh nis:value=HimachalPradesh nis:enabled=true nis:link/>
हिमाचल में युवती से दहेज में गाड़ी मिलने के बाद मांग रहे थे बुलेट बाइक…तंग आकर युवती ने उठाया खौफनाक कदम मायका पक्ष ने शवगृह के बाहर किया हंगामा....😢हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है चताड़ा गांव की रहने वाली सीमा की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया था। आशंका जताई जा रही है कि उसने किसी जहरीले पदार्थ का सेवन किया था..😢गंभीर हालत को देखते हुए सीमा को पहले क्षेत्रीय अस्पताल ऊना फिर निजी अस्पताल और बाद में पंजाब के अस्पताल रेफर किया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई..😢
पोस्टमार्टम के दौरान मायका पक्ष के लोग बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों का आरोप है कि सीमा को दहेज के लिए परेशान किया जाता था और उसके साथ मारपीट की जाती थी...😡फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित सभी पहलुओं के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है...🙏🏻🙏🏻
*मंडी गऊशाला में लगी आग गाय और बछड़ी जिंदा जलीं, किसान परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़*

मंडी जिले के उपमंडल सदर के तहत आने वाली ग्राम पंचायत सदयाना के धड़ियाना गांव में एक बेहद दर्दनाक घटना पेश आई है। यहां एक गऊशाला में अचानक भड़की भीषण आग में अंदर बंधी एक गाभिन (गर्भवती) गाय और उसकी छोटी बछड़ी की जिंदा जलकर मौत हो गई। बेजुबान जानवरों की इस तरह हुई दर्दनाक मौत और भारी आर्थिक नुक्सान से पीड़ित किसान परिवार गहरे सदमे में है।
जानकारी के अनुसार, यह हृदयविदारक घटना धड़ियाना गांव के निवासी सुरेश कुमार पुत्र नारायण सिंह की गऊशाला में घटी। बताया जा रहा है कि गऊशाला में आग अचानक लगी और देखते ही देखते इतनी तेजी से फैली कि किसी को कुछ सोचने-समझने का मौका ही नहीं मिला। जब तक गृहस्वामी सुरेश कुमार और आसपास के ग्रामीणों को इस आगजनी का पता चला, तब तक पूरी गऊशाला भयानक लपटों में घिर चुकी थी। आग का रौद्र रूप देखकर ग्रामीण बेबस रह गए और बेजुबान जानवरों को बाहर निकालने का कोई रास्ता नहीं बच सका।
हादसे के तुरंत बाद इसकी सूचना ग्राम पंचायत प्रधान और स्थानीय पटवारी को दी गई। सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और आगजनी से हुए नुक्सान की रिपोर्ट तैयार की। प्राथमिक आकलन के मुताबिक, इस आगजनी में पीड़ित किसान को करीब 3 लाख रुपए का आर्थिक नुक्सान हुआ है। हालांकि, गऊशाला में आग किन कारणों से लगी, यह अभी तक रहस्य बना हुआ है और इसकी जांच की जा रही है!
पर्यटक अपनी जान को जोखिम में डालकर कर रहे स्टेंट जिससे अगर थोड़ी सी भी गलती हुई तो हो सकता है बड़ा हादसा
चम्बा :  चुराह क्षेत्र में रविवार को उस समय सनसनी फैल गई जब चम्बा-तीसा मुख्य मार्ग पर स्थित कल्हेल पुल के नीचे एक 26 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ। मृतक की पहचान हरविन्द्र सिंह पुत्र ऋषि निवासी गांव राख मलोगा, डाकघर कल्हेल, तहसील चुराह के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार स्थानीय लोगों ने पुल के नीचे युवक को अचेत अवस्था में पड़ा देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने हरविन्द्र की मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई तथा आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर चम्बा-तीसा मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित रहा।
स्थिति को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाने का प्रयास किया। वहीं फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच जारी है और पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया है।
चैलचौक के गणई चौक में नाग-नागिन का जोड़ा दिखने से क्षेत्र में दहशत

गोहर,(मंडी)

उपमंडल गोहर के चैलचौक स्थित गणई चौक में...
कृपया इस पोस्ट को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करे। आपकी छोटी सी हेल्प भी किसी के लिए कारगर सिद्ध हो सकती है। जय भारद्वाज कैं...
दुखद खबर: पालमपुर के बिंद्रावन वार्ड-7 में बिजली लाइन ठीक करते समय कर्मचारी करंट की चपेट में आया हुई दर्दनाक मौत 
कांगड़...
बंजार में एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, 1.32 लाख अवैध अफीम के पौधे नष्ट
4 बीघा निजी भूमि पर हो रही थी खेती, NDPS एक्ट के तहत ...
मंडी  सुंदरनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई स्कूटी सवार दो युवकों से 5 ग्राम चिट्टा बरामद,