दमोह अखंड भारत की संस्कृति युद्ध और यज्ञ के तादात्म्य से परिपूर्ण है जहां युद्ध अशांति का तो यज्ञ शांति का पर्याय है, यह बात आज रविवार शाम 5 बजे शहर के सवा लाख मानस पाठ स्थित आनंद कंद दयालु भगवान आश्रम में आयोजित यज्ञ के दौरान सेना को समर्पित हरिहरात्मक मृत्यंजय महायज्ञ के दौरान श्री भगवान वेदांताचार्य ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताई।