बड़ोदिया गांव में पर्थुषण महापर्व पर आज शुक्रवार सुबह 11बजे मुनि श्री शुद्ध सागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि उत्तम मार्दव धर्म अपनाने से मान व अहंकार का मर्दन हो जाता है और व्यक्ति सच्ची विनयशीलता को प्राप्त करता है।" जिन क्षणों में हम अपने भीतर कोमलता का अनुभव करते हैं, मृदुता का अनुभव करते हैं, वे क्षण ही हमारे मार्दव धर्म के हैं। नाक और मूंछ ऐसी