रामशिला में प्रदर्शन को करने पहुंचे ग्रामीण कंचन, विजय कुमार, शांता देवी और हेमा शर्मा ने बताया कि इससे पहले भी भारत के कई पहाड़ी इलाकों में विकास के लिए जंगलों को काटा गया। लेकिन बाद में वहां पर लोगों को प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड़ा। ऐसे में खराहल घाटी के लोग ऐसा बिल्कुल भी नहीं चाहते हैं कि जंगल कटान के चलते इलाके में प्राक्रतिक प्रकोप झेलना पड़े।