भीलूड़ा गांव में होली पर रंगो के बजाय एक दूसरे पर गोफन से पत्थर मारकर होली मनाई जाती हैं। आज गांव में जमकर पत्थर बरसाएं ईसमे कई लोग घायल हो गए। मान्यता है कि पत्थरमार होली के बाद बहने वाला खून जमीन पर गिरने से क्षेत्र में खुशहाली बनी रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि यह परम्परा पिछले 100 साल पहले से निभाई जा रही है। जो आगे भी जारी रहेगी।