गांव बिसली में फेरो के बाद विदाई में के समय दूल्हा अपनी दुल्हन को उड़न खटोले से ले गया। उड़न खटोले को देखने के लिए भारी हुजूम उमड़ पड़ा। दूल्हे के पिता का सपना था कि उसका बेटा दुल्हन को उड़न खटोले से लेकर जाए। बारात महुवा के गांव खेड़ली नारायण सिंह से आई थी।