भूपालसागर पंचायत समिति के प्रधान हेमेंद्र सिंह राणावत ने शुक्रवार शाम 5 बजे बताया कि काना खेड़ा गांव में हर आंख नम हो गई, जब एक ही परिवार की तीन अर्थियां एक साथ उठीं। ममता, उनकी चार साल की बेटी खुशी और भुआ चंदा की नदी में डूबने से मौत हो गई थी। शव गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया और हजारों लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। मोक्षधाम पर तीनों का एक साथ अंतिम संस्का