जाको राखे साइयां मार सके न कोय... यह कहावत पौंसारी गांव में आई प्राकृतिक आपदा के वक्त एक बार फिर चरितार्थ हुई। भारी बारिश के कारण मलबा आने से खाईइजर निवासी 14 वर्षीय पवन मकान और गोशाला के साथ बह गया था। थोड़ी देर बहने के बाद वह एक बकरे के साथ छटककर रिंगाल की झाड़ी में फंस गया। रातभर दोनों उसी झाड़ी में अटके रहे। अगले दिन सुबह गांव के देवराम ने उसे देखा और झा