जयपुर से आई साध्वी निर्मला दीदी ने ‘उत्तम क्षमा धर्म’ पर प्रवचन देते हुए कहा कि क्षमा मनुष्य को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाली साधना है। यह पर्व भगवान महावीर के पाँच मूल सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि “क्षमा वीरों का आभूषण है। यदि जीवन में क्षमा को धारण किया जाए तो समाज और परिवार में शांति बनी रहती है।