पर्यूषण पर्व के दौरान आठ उपवास और उससे अधिक की तपस्या करने वाले आराधको का ऐतिहासिक वरघोड़ा निकाला गया। बैन्ड बाजों और ढोल नगाड़ों के साथ निकाले गए इस ऐतिहासिक वरघोड़े का मार्ग में विभिन्न संगठनों की ओर से स्वागत अभिनंदन किया गया। शैवतांबर जैन समाज की ओर से जैन साध्वी जीन शिशु प्रज्ञा श्री के सानिध्य में कल्पद्रुम मास का आयोजन किया जा रहा है।