शुक्रवार शाम 5 बजे नई सारी के विभिन्न जल श्रोतों में मौर विसर्जित किए गए। कस्बे की महिलाएं बड़ी संख्या में एकत्रित होकर सिर पर मोर रखकर ढोल ढमाकों के साथ नदी तालाबों पर पहुंची और मोर का विसर्जन किया। दरअसल, विवाह के समय मोर वर और वधु के सिर पर लगाया जाता है। जिसे भाद्रपद महीने की षष्ठी तिथि को जलाशयों में विसर्जन किया जाता है।