अपने लक्ष्य का निर्धारण कर कड़ी मेहनत और लगन से खेल में निपुणता प्राप्त कर खिलाड़ी माता-पिता व गांव का गौरव बढ़ा सकते हैं। खिलाड़ियों को हाॅकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद की गाथा से प्रेरणा लेनी चाहिए। राव तुलाराम स्टेडियम में तीन दिवसीय राष्ट्रीय खेल दिवस के तीन दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए एसडीएम सुरेश कुमार ने ये शब्द कहे।