शनिवार को मामले का गजरौला थाने में खुलासा करते हुए एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि यह आरोपी एटीएम मशीन में फेवी क्विक लगाकर ग्राहकों के कार्ड फंसा देते थे। चुपके से ग्राहक का पिन नंबर देख लेते थे। साथ ही एटीएम में एक फर्जी हेल्पलाइन नंबर चिपका देते थे। जब ग्राहक इस नंबर पर कॉल करता, तो फोन गिरोह के तीसरे सदस्य के पास जाता।