प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. नंद कुमार ने भावुक होकर कहा कि, यह महाविद्यालय उनके जीवन का अविस्मरणीय हिस्सा रहेगा, क्योंकि 2003 से लेकर 2025 तक उन्होंने इसे अपने ज्ञान से सिंचित करने का प्रयास किया। उन्होंने शिक्षक साथियों से आग्रह किया कि वे शिक्षा को केवल विषयगत न मानकर विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण का माध्यम बनाएं।