आबादी के करीब चालिस प्रतिशत आबादी अतिपिछड़ा वर्गों का है। वाबजूद इस समाज को राजनीतिक रूप से उपेक्षित रखा जाता है। राष्ट्रीय या क्षेत्रीय राजनीतिक दलों में अतिपिछड़ा समाज को कोई राजनीतिक सहभागिता प्रदान नहीं किया जाता है। बल्कि राजनीतिक पार्टियां केवल वोट लेने का काम करतीं हैं। उक्त बातें शनिवार को मदनपुर प्रखंड मुख्यालय के धर्मशाला परिसर में 5 सितंबर को आयो