कुशीनगर के पड़रौना क्षेत्र के जंगल बनबीरपुर गांव का सिधुआ बाजार परिसर…एक ऐसा ऐतिहासिक स्थान, जहां आजादी के मतवालों की गूंज कभी थमती नहीं थी…जहां अंग्रेजों की यातनाएं झेलकर भी स्वतंत्रता सेनानी हंसते-हंसते आजादी के गीत गाते थे… आज वही जगह गंदगी और बदहाली का शिकार है। सिधुआँ बाजार का हाट बाजार परिसर चारों तरफ से कचरे और दुर्गंध से घिरा है। मार्ग ख़स्ताहाल हैं।