दशलक्षण पर्व के दूसरे दिन धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री प्रभात सागर जी ने बताया कि जीवन में मान कसाय घमंड का अभाव हो जाए तो मृदुुता धर्म प्रकट होता है मद के आते ही मार्दव धर्म चला जाता है पूर्ण ज्ञानी पुरुष अधिक नहीं बोलता, और केवल्य ज्ञान प्राप्त हो जाने पर केवली बोलते नहीं है। अज्ञानी चिल्ला कर हाथ पैर पटक कर बात करता है घमंडी ऊपर की ओर देखकर चलता