एक ओर सरकार 'सम्मानजनक अंतिम संस्कार' की बात करती है, दूसरी ओर भीलवाड़ा जिले के ग्रामीण इलाकों में आज भी मोक्षधाम जैसी बुनियादी सुविधा तक नसीब नहीं। ताजा मामला आज शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे रलायता ग्राम पंचायत के बिलिया गांव का है, जहां ग्रामीणों ने बारिश में भीगते हुए खुले आसमान के नीचे अपनों को अंतिम विदाई दी। मोक्षधाम में छत तक नहीं थी-ना कोई शेड