आदिवासी समाज संगठन द्वारा चली आ रही परम्परा अनुसार बिदरी पूजा का आयोजन किया गया जिसमें आदिवासी समाज संगठन द्वारा ग्राम देवताओं की विशेष पूजा अर्चना की जाती है मान्यता है कि किसान अपनी अच्छी फसल और वर्षा की कामना को लेकर यह पुजन करते हैं आदिवासी समाज द्वारा ढोल-नगाड़े बजाकर मेघों के देवता भगवान इंद्र देव को प्रसन्न करते हैं इसी के साथ विशेष पुजा अर्चना की।