सावन के तीसरे सोमवार को भगवान शिव की नगरी विद्यापतिधाम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह 4 बजे से ही मंदिर परिसर में भोलेनाथ के जयकारे गूंजने लगे। भक्तों ने भांग, धतूरा, बेलपत्र और गंगाजल से जलाभिषेक किया। मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सुबह 11 बजे तक मंदिर में तिल रखने की जगह नहीं बची थी।