जो उद्योगपति अपना घाटा दिखा-दिखा कर जिन बैंकों का लाखों-करोड़ों का कर्जा नहीं चुका पा रहे वो ही उद्योगपति उन्हीं बैंकों को खरीदने वाले हैं।
वाह साहब गजब की विडंबना है !!
मतलब कुछ भी ??? हाँ साहब हैं तो मुमकिन है !!
#BankStrike #bankprivatis
Huzur, Bhopal | Dec 28, 2021