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मंदसौर जिले के श्री कैलाशचंद माली को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना अंतर्गत राशि मिली, जिससे दुकान का संचालन करने में सहायता मिली । उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया । #12YearsOfGaribKalyan #12YearOfSeva #Mandsaur #मंदसौर

21 views | Mandsaur, Madhya Pradesh | Jun 9, 2026

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मंदसौर के औद्योगिक विकास को मिली नई गति

जग्गाखेड़ी में बैंक, होटल, वेयरहाउस और अन्य सुविधाओं के विकास का खुला रास्ता

कमर्शियल प्लॉट्स की ई-बिडिंग शुरू

5900 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों के बीच व्यापारिक सुविधाओं के विस्तार की तैयारी

युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर

एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक श्री राजेश राठौड़ द्वारा बताया गया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर तैयार करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। इसका असर अब अलग-अलग जिलों में भी दिखाई देने लगा है। 

मंदसौर जिले के जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में भी इसी दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। एमपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआईडीसी) ने यहां कमर्शियल भूखंडों की ई-बिडिंग प्रक्रिया शुरू की है। क्योंकि सरकार का उद्देश्य सिर्फ उद्योगों के लिए जमीन उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि ऐसा माहौल तैयार करना है जहां उद्योगों के साथ व्यापार और सेवाओं से जुड़ी गतिविधियां भी बढ़ें। इससे क्षेत्र में नए कारोबार शुरू होने के अवसर बनेंगे, लोगों को रोजगार मिलेगा और औद्योगिक विकास को और मजबूती मिलेगी।  

प्रदेश सरकार की मंशा केवल औद्योगिक क्षेत्रों में फैक्ट्रियां स्थापित करवाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे औद्योगिक केंद्र विकसित करने की है, जहां उद्योगों के साथ-साथ उनसे जुड़ी सभी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध हों। इसी सोच के तहत जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में कमर्शियल भूखंडों की ई-बिडिंग शुरू की गई है। इन भूखंडों पर बैंक, होटल, रेस्टोरेंट, ऑफिस, ट्रांसपोर्ट कंपनियां, वेयरहाउस, ऑटोमोबाइल सर्विस सेंटर, शोरूम और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान विकसित हो सकेंगे। इससे यहां काम करने वाले उद्योगों, कर्मचारियों और निवेशकों को रोजमर्रा की कई सुविधाएं एक ही क्षेत्र में मिल सकेंगी।

पिछले कुछ वर्षों में जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ी है। फेज-1 में कई इकाइयां संचालित हो रही हैं, जबकि फेज-2 में बड़े निवेश प्रस्तावों पर काम आगे बढ़ रहा है। ऐसे में उद्योगों की संख्या बढ़ने के साथ बैंकिंग, परिवहन, भंडारण, खानपान और अन्य सेवाओं की मांग भी स्वाभाविक रूप से बढ़ रही है। इसी की पूर्ति के लिए कमर्शियल भूखंडों का विकास किया गया है। इनकी बिडिंग के बाद व्यवसायिक गतिविधियां शुरू हो सकेंगी और उद्योगों को आवश्यक सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी। इससे जग्गाखेड़ी फेज-2 में निवेश के अवसर भी बढ़ेंगे।

किसी भी औद्योगिक क्षेत्र की पहचान केवल वहां स्थापित फैक्ट्रियों से नहीं बनती, बल्कि उसके आसपास विकसित होने वाली व्यावसायिक गतिविधियां भी उसकी सफलता तय करती हैं। जहां उद्योग आते हैं, वहां छोटे-बड़े व्यापार, सेवा क्षेत्र और स्थानीय उद्यमियों के लिए भी नए अवसर पैदा होते हैं। जग्गाखेड़ी में कमर्शियल भूखंडों की उपलब्धता से ऐसा ही एक मजबूत औद्योगिक और व्यावसायिक माहौल तैयार होगा, जिससे स्थानीय व्यापार को गति मिलेगी, नए रोजगार के अवसर बनेंगे और मंदसौर का औद्योगिक विकास और अधिक मजबूत होगा। 

*औद्योगिक मैप पर तेजी से उभर रहा मंदसौर*

मंदसौर पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बदल रहा है। कृषि प्रधान जिले के रूप में पहचान रखने वाला यह क्षेत्र अब उद्योगों और नए निवेश के लिए भी ध्यान खींच रहा है। जिले में विकसित, विकासाधीन और प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्रों में अब तक 5900 करोड़ रुपये से अधिक निवेश अनुमानित है। जिनसे 15 हजार से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी तैयार होंगे। यही वजह है कि नए उद्योगों के साथ-साथ उनसे जुड़ी सुविधाओं के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इस बदलाव के केंद्र में जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र है। फूड पार्क जग्गाखेड़ी फेज-1 में 136 औद्योगिक प्लॉट हैं। यहां 78 फैक्टरियां शुरू हो चुकी हैं। इससे करीब सात सौ लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार हासिल हो रहा है। 

जग्गाखेड़ी फेज-2 निवेशकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बनकर उभरा है। यहां 219 प्लॉट हैं और करीब 1200 करोड़ रुपये के निवेश से 4500 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। बेहतर आधारभूत सुविधाओं के चलते यहां नए उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल माहौल बन रहा है, जिससे मंदसौर की पहचान एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में और मजबूत हो रही है।

एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक श्री राजेश राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में उद्योगों और निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में कमर्शियल भूखंडों की ई-बिडिंग इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्थानीय उद्यमियों को नए अवसर मिलेंगे, व्यापारिक सुविधाओं का विस्तार होगा और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। जग्गाखेड़ी मंदसौर में बढ़ रही औद्योगिक गतिविधियों के साथ यह पहल क्षेत्र के संतुलित और समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

#Mandsaur 
#मंदसौर

मंदसौर के औद्योगिक विकास को मिली नई गति जग्गाखेड़ी में बैंक, होटल, वेयरहाउस और अन्य सुविधाओं के विकास का खुला रास्ता कमर्शियल प्लॉट्स की ई-बिडिंग शुरू 5900 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों के बीच व्यापारिक सुविधाओं के विस्तार की तैयारी युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक श्री राजेश राठौड़ द्वारा बताया गया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर तैयार करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। इसका असर अब अलग-अलग जिलों में भी दिखाई देने लगा है। मंदसौर जिले के जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में भी इसी दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। एमपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआईडीसी) ने यहां कमर्शियल भूखंडों की ई-बिडिंग प्रक्रिया शुरू की है। क्योंकि सरकार का उद्देश्य सिर्फ उद्योगों के लिए जमीन उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि ऐसा माहौल तैयार करना है जहां उद्योगों के साथ व्यापार और सेवाओं से जुड़ी गतिविधियां भी बढ़ें। इससे क्षेत्र में नए कारोबार शुरू होने के अवसर बनेंगे, लोगों को रोजगार मिलेगा और औद्योगिक विकास को और मजबूती मिलेगी। प्रदेश सरकार की मंशा केवल औद्योगिक क्षेत्रों में फैक्ट्रियां स्थापित करवाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे औद्योगिक केंद्र विकसित करने की है, जहां उद्योगों के साथ-साथ उनसे जुड़ी सभी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध हों। इसी सोच के तहत जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में कमर्शियल भूखंडों की ई-बिडिंग शुरू की गई है। इन भूखंडों पर बैंक, होटल, रेस्टोरेंट, ऑफिस, ट्रांसपोर्ट कंपनियां, वेयरहाउस, ऑटोमोबाइल सर्विस सेंटर, शोरूम और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान विकसित हो सकेंगे। इससे यहां काम करने वाले उद्योगों, कर्मचारियों और निवेशकों को रोजमर्रा की कई सुविधाएं एक ही क्षेत्र में मिल सकेंगी। पिछले कुछ वर्षों में जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ी है। फेज-1 में कई इकाइयां संचालित हो रही हैं, जबकि फेज-2 में बड़े निवेश प्रस्तावों पर काम आगे बढ़ रहा है। ऐसे में उद्योगों की संख्या बढ़ने के साथ बैंकिंग, परिवहन, भंडारण, खानपान और अन्य सेवाओं की मांग भी स्वाभाविक रूप से बढ़ रही है। इसी की पूर्ति के लिए कमर्शियल भूखंडों का विकास किया गया है। इनकी बिडिंग के बाद व्यवसायिक गतिविधियां शुरू हो सकेंगी और उद्योगों को आवश्यक सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी। इससे जग्गाखेड़ी फेज-2 में निवेश के अवसर भी बढ़ेंगे। किसी भी औद्योगिक क्षेत्र की पहचान केवल वहां स्थापित फैक्ट्रियों से नहीं बनती, बल्कि उसके आसपास विकसित होने वाली व्यावसायिक गतिविधियां भी उसकी सफलता तय करती हैं। जहां उद्योग आते हैं, वहां छोटे-बड़े व्यापार, सेवा क्षेत्र और स्थानीय उद्यमियों के लिए भी नए अवसर पैदा होते हैं। जग्गाखेड़ी में कमर्शियल भूखंडों की उपलब्धता से ऐसा ही एक मजबूत औद्योगिक और व्यावसायिक माहौल तैयार होगा, जिससे स्थानीय व्यापार को गति मिलेगी, नए रोजगार के अवसर बनेंगे और मंदसौर का औद्योगिक विकास और अधिक मजबूत होगा। *औद्योगिक मैप पर तेजी से उभर रहा मंदसौर* मंदसौर पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बदल रहा है। कृषि प्रधान जिले के रूप में पहचान रखने वाला यह क्षेत्र अब उद्योगों और नए निवेश के लिए भी ध्यान खींच रहा है। जिले में विकसित, विकासाधीन और प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्रों में अब तक 5900 करोड़ रुपये से अधिक निवेश अनुमानित है। जिनसे 15 हजार से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी तैयार होंगे। यही वजह है कि नए उद्योगों के साथ-साथ उनसे जुड़ी सुविधाओं के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस बदलाव के केंद्र में जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र है। फूड पार्क जग्गाखेड़ी फेज-1 में 136 औद्योगिक प्लॉट हैं। यहां 78 फैक्टरियां शुरू हो चुकी हैं। इससे करीब सात सौ लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार हासिल हो रहा है। जग्गाखेड़ी फेज-2 निवेशकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बनकर उभरा है। यहां 219 प्लॉट हैं और करीब 1200 करोड़ रुपये के निवेश से 4500 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। बेहतर आधारभूत सुविधाओं के चलते यहां नए उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल माहौल बन रहा है, जिससे मंदसौर की पहचान एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में और मजबूत हो रही है। एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक श्री राजेश राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में उद्योगों और निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में कमर्शियल भूखंडों की ई-बिडिंग इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्थानीय उद्यमियों को नए अवसर मिलेंगे, व्यापारिक सुविधाओं का विस्तार होगा और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। जग्गाखेड़ी मंदसौर में बढ़ रही औद्योगिक गतिविधियों के साथ यह पहल क्षेत्र के संतुलित और समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। #Mandsaur #मंदसौर

Mandsaur, Madhya Pradesh | Jun 9, 2026

सशक्त नीतियाँ, सक्षम अवसंरचना और सरल प्रक्रियाएँ।

इन प्रयासों के परिणामस्वरूप भारत वैश्विक विनिर्माण, नवाचार और निवेश का उभरता हुआ केंद्र बनकर सामने आया है।

#12YearsOfGaribKalyan
#12YearOfSeva
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#मंदसौर

सशक्त नीतियाँ, सक्षम अवसंरचना और सरल प्रक्रियाएँ। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप भारत वैश्विक विनिर्माण, नवाचार और निवेश का उभरता हुआ केंद्र बनकर सामने आया है। #12YearsOfGaribKalyan #12YearOfSeva #Mandsaur #मंदसौर

Mandsaur, Madhya Pradesh | Jun 9, 2026

जिला स्तरीय जनसुनवाई के दौरान अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल ने 89 आवेदकों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि आम नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान किया जाए एवं कोई भी व्यक्ति अनावश्यक परेशान न हो। लोगों को न्याय दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनसुनवाई के दौरान आए विभिन्न प्रकरणों में त्वरित निर्देश जारी किए गए।

#Mandsaur 
#मंदसौर

जिला स्तरीय जनसुनवाई के दौरान अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल ने 89 आवेदकों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि आम नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान किया जाए एवं कोई भी व्यक्ति अनावश्यक परेशान न हो। लोगों को न्याय दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनसुनवाई के दौरान आए विभिन्न प्रकरणों में त्वरित निर्देश जारी किए गए। #Mandsaur #मंदसौर

Mandsaur, Madhya Pradesh | Jun 9, 2026