30 जून तक 100 दिन से अधिक लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निराकरण करें, मैदानी अमला लोगों के बीच रहकर कार्य करे
मुरैना/कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि विभागीय योजनाओं में तय लक्ष्यों के अनुसार प्रगति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मैदानी अधिकारी और कर्मचारी क्षेत्र में सक्रिय रहकर लोगों के बीच संवाद बनाए रखें, जिससे शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंच सके।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कमलेश कुमार भार्गव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पदमेश उपाध्याय, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास ओ.पी. पांडेय, सिविल सर्जन, सभी बीएमओ, सीडीपीओ, सुपरवाइजर तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग 30 जून तक 100 दिन से अधिक समय से लंबित सभी शिकायतों का निराकरण करें। उन्होंने विशेष रूप से पहाड़गढ़ और खड़ियाहार क्षेत्र में लंबित शिकायतों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना और लाड़ली लक्ष्मी योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि इन योजनाओं का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाए। सीडीपीओ को जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने तथा जनपद सीईओ को भी योजनाओं की प्रगति में सहयोग देने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने मातृत्व वंदना योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने के लिए कन्हार क्षेत्र में एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया।
बैठक में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी), गंभीर एवं मध्यम कुपोषित बच्चों की स्थिति, उपचार के बाद बच्चों के स्वास्थ्य की स्थिति, आवश्यक दवाओं के वितरण, अपार आईडी, आभा आईडी, मिशन वात्सल्य तथा समेकित बाल संरक्षण योजना की प्रगति की समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के सभी पोषण पुनर्वास केंद्र पूरी क्षमता के साथ संचालित किए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से जौरा एनआरसी में आ रही समस्याओं का तत्काल समाधान कर वहां बच्चों की भर्ती बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े सभी महत्वपूर्ण कार्यों में बेहतर प्रगति लाने को कहा।
उन्होंने परियोजना स्तर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं संबंधित कर्मचारियों का प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि समग्र आईडी, आधार अपडेट और अन्य आवश्यक रिकॉर्ड अपडेट करने का कार्य बेहतर तरीके से किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं के समय पर पंजीयन और नियमित स्वास्थ्य जांच पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जनपद सीईओ और बीएमओ मिलकर इसकी नियमित निगरानी करें। साथ ही महिलाओं को आवश्यक शादी का प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि वे विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच हर माह सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने एनीमिया की पहचान और उपचार की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले के सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानकों में मुरैना को प्रदेश के शीर्ष जिलों में शामिल करने के लिए प्रयास किए जाएं।
उन्होंने अस्पतालों के लेबर रूम में बेहतर निगरानी व्यवस्था के लिए प्रवेश द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। साथ ही यू-विन पोर्टल पर टीकाकरण प्रविष्टियां, एनसीडी स्क्रीनिंग, टीबी मुक्त अभियान, एक्स-रे सेवाओं के उपयोग तथा फूड बास्केट वितरण में तेजी लाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ की व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए, ताकि आमजन को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। उन्होंने सभी अधिकारियों से योजनाओं के संचालन में गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने तथा जिले को बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल कराने के लिए निरंतर प्रयास करने को कहा।