डोमचांच प्रखंड के मसनोडीह गांव का प्राकृतिक रूप से पेड़ों पर पकने वाला “गछपकु आम” अपनी खास मिठास और गुणवत्ता के कारण देश-विदेश में पहचान बना रहा है। गांव के करीब 10 बड़े बागानों में तीन हजार से अधिक आम के पेड़ हैं, जिनमें मालदा, जर्दालू, हिमसागर, गुलाब खास और फ़ज़ली समेत कई किस्मों के आम होते हैं।बागान संचालकों ने बताया कि यहां के आम झारखंड के अलावा दिल्ली तक भेजे जा चुके हैं, जबकि पिछले वर्ष अमेरिका तक इसकी खेप पहुंची थी। छह दशक पुरानी इस विरासत को आज चौथी पीढ़ी आगे बढ़ा रही है। मसनोडीह का आम किसानों की आय बढ़ाने के साथ कोडरमा को भी नई पहचान दिला रहा है।