गाँव-गाँव लग्जरी गाड़ियों से शराब की तस्करी, आखिर किसके संरक्षण में फल-फूल रहा अवैध कारोबार?
छतरपुर जिले में अवैध शराब का कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्राम आमखेरा लुगासी के पास दुर्घटनाग्रस्त हालत में मिली कार ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लग्जरी गाड़ियों के माध्यम से गाँव-गाँव अवैध शराब की सप्लाई की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग कार्रवाई के बजाय मौन साधे हुए हैं।
यदि क्षेत्र में खुलेआम शराब की तस्करी हो रही है तो आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी क्यों नहीं थी? और यदि जानकारी थी तो अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि बिना विभागीय संरक्षण और मिलीभगत के इतना बड़ा अवैध नेटवर्क संचालित होना संभव नहीं है। दुर्घटनाग्रस्त वाहन छोड़कर तस्करों का फरार हो जाना भी कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
जनता पूछ रही है—
अवैध शराब की सप्लाई करने वाले कौन हैं?
इनके खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई?
क्या आबकारी विभाग और पुलिस की कार्यप्रणाली की जांच होगी?
गाँव-गाँव पहुँच रही शराब पर रोक लगाने की जिम्मेदारी कौन लेगा?
जब तक जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक अवैध शराब का यह कारोबार यूँ ही फलता-फूलता रहेगा और प्रशासनिक दावे सवालों के घेरे में रहेंगे।