➡️ बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधार के लिए बनी कार्ययोजना, जिले में परीक्षा संजीवनी का होगा विस्तार
जनजातीय कार्य विभाग एवं शिक्षा विभाग की संयुक्त बैठक में बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधार के लिए विषय विशेषज्ञों के साथ विस्तृत रणनीति तैयार की गई। बैठक में पिछले वर्ष संचालित परीक्षा संजीवनी कार्यक्रम के सकारात्मक परिणामों की समीक्षा करते हुए जिले में बोर्ड परीक्षा परिणाम को 90 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
बैठक में बताया कि गतवर्ष 2025-26 में जनजातीय कार्य विभाग द्वारा परीक्षा संजीवनी कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिससे विभाग के बोर्ड परीक्षा परिणाम में सुधार हुआ है। जिसमें वर्ष 2024-25 में कक्षा 10वी का परीक्षाफल 77.49 प्रतिशत एवं 12वी का 64.78 प्रतिशत रहा एवं परीक्षा संजीवनी कार्यक्रम के संचालन से वर्ष 2025-26 में कक्षा 10वी का परीक्षाफल 80.23 प्रतिशत एवं कक्षा 12वी का परीक्षाफल 76.94 प्रतिशत रहा है।
कलेक्टर द्वारा जिले परीक्षा संजीवनी 2025-26 के परीक्षा परिणाम के सुधार को दृष्टिगत रखते हुए संपूर्ण जिले में इस परीक्षा का आयोजन कराये जाने के निर्देश दिये, जिससे कि जनजातीय कार्य विभाग एवं शिक्षा विभाग को समन्वय बनाकर इस परीक्षा संजीवनी का आयोजन कर जिले का परीक्षा परिणाम 90 प्रतिशत प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
कलेक्टर द्वारा परीक्षाफल सुधार के लिए परीक्षा संजीवनी, टास्क फोर्स समिति का गठन किया गया। जिसमें सभी विषय विशेषज्ञों एवं प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल किया गया। इसका उद्देदश्य जिले में कक्षा 10वी एवं 12वी के बोर्ड परीक्षा परिणाम में सुधार करना है। जिन विद्यालयों में विषय विशेषज्ञों की कमी पाई जाएगी उन विद्यालयों में ऑनलाईन/प्री रिकार्डेड मटेरियल उपलब्ध कराया जाएगा एवं आस पास के विद्यालयों में उपलब्ध विषय विशेषज्ञों को समय-समय पर इन विद्यालयों में अध्यापन के लिए भेजा जाएगा। परीक्षा सजीवनी का संचालन 04 स्तर पर की जाएगी।
➡️ परीक्षा संजीवनी कार्यक्रम चार स्तरों पर संचालित होगा
शिक्षकों द्वारा समय पर पाठ्यक्रम पूर्ण कराते हुए रफ कॉपी, फेयर कॉपी एवं प्रायोगिक कार्य पूर्ण कराना।विषय विशेषज्ञों द्वारा साप्ताहिक, पाक्षिक एवं मासिक परीक्षाओं का आयोजन कर विद्यार्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए मानसिक रूप से तैयार करना। शाला प्राचार्य अपनी शाला के साथ-साथ, आसपास की शालाओं का निरीक्षण करेगे एवं निरीक्षण में प्राप्त कमियों अपने स्तर से या वरिष्ठ कार्यालय से दूर करेगे। सहायक आयुक्त, जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक संचालक, क्षेत्र संयोजक, विकासखंड शिक्षा अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। सहायक कलेक्टर द्वारा जेईई, नीट, क्लेट एवं प्रतियोगिताओं के लिए विद्यालय की समय सारणी में एक कालखंड अनिवार्य रूप से रखने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक के दौरान सहायक कलेक्टर श्री पुष्पराज खोट, सहायक आयुक्त श्री विवेक कुमार पाण्डे सहायक संचालक शिक्षा एवं क्षेत्र संयोजक जनजातीय कार्य विभाग उपस्थित रहे।
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Department of Tribal Welfare, Madhya Pradesh
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3 views | Betul, Madhya Pradesh | Jun 9, 2026