ट्रैफिक सिस्टम पर सांसद की नसीहत, एक ही मंथन कब तक, लगातार फॉलोअप लेकर करें समाधान
-उदयपुर सिटीजन सोसायटी की बैठक में उभरी विभागीय समन्वय की कमी
-सालों से एक जैसी समस्याओं से ही जूझ रहे विभाग
-अगले माह सोसायटी के बैनर तले फॉलोअप बैठक के लिए सांसद ने दिए निर्देश
-शहर के प्रबुद्धजन बोले, एक साल में कम से कम एक समस्या का समाधान तो सामने दिखे
उदयपुर, 9 जून। झीलों के शहर पर्यटन सिटी के रूप में विख्यात उदयपुर की ट्रैफिक समस्याओं को लेकर उदयपुर सिटीजन सोसायटी की बैठक में सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने विभिन्न विभागों की अपनी-अपनी विभागीय समस्याएं सुनने के बाद कहा कि कई सालों से ट्रैफिक पर मंथन ही चल रहा है, हर बार एक जैसी समस्याएं ही सामने आती हैं, लेकिन उन समस्याओं के समाधान का फॉलोअप नजर नहीं आता। उन्होंने हर विभाग को समस्याओं की फेहरिस्त बनाकर शीघ्र ही उन्हें भेजने के लिए कहा और सिटीजन सोसायटी से भी एक माह में फिर फॉलोअप बैठक की सलाह दी, ताकि निरंतर सक्रियता बनी रहे और एक-एक समस्या के समाधान पर स्थायी फोकस किया जा सके।
सोसायटी के अध्यक्ष क्षितिज कुम्भट ने बताया कि ट्रैफिक समस्याओं को लेकर सोसायटी के बैनर तले सांसद डॉ. रावत की अध्यक्षता में चित्रकूट नगर स्थित मार्बल भवन में बैठक रखी गई। बैठक में सबसे बड़ी आवश्यकता यह उभर कर आई कि विभिन्न विभागों की एक समन्वय समिति बने और उसकी टारगेट ऑरिएंटेड फॉलोअप बैठक प्रबुद्धजनों व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में लगातार हो, साथ ही जनता को यह भी जानकारी मिले कि साल भर की बैठकों के बाद आखिर ट्रैफिक की किस समस्या का समाधान हुआ, वर्ना शहर आज भी ट्रैफिक समस्या से जूझ रहा है और पांच साल बाद भी जूझता ही रहेगा। सदस्यों ने कहा कि सभी विभाग अपनी वार्षिक कार्ययोजना, समय-सीमा और जवाबदेही सार्वजनिक करें।
कुम्भट ने बताया कि विजन 2047 के रोडमैप के तहत यातायात, हरित विकास और आधारभूत सुविधाओं पर व्यापक चर्चा के लिए रखी गई बैठक में कई सुझाव सामने आए। उन्होंने कहा कि हम विकसित भारत की बात कर रहे हैं तो आज से ही वैसी सोच क्यों नहीं बनाई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सड़कों का विकास होना चाहिए। मरम्मत का बजट सिर्फ पेवरीकरण का ही न होकर, एक-एक मार्ग को लेकर विभिन्न यूटीलिटी अंडरग्राउंड करने का प्लान किया जाए। गिफ्ट सिटी की तरह नहीं तो उसके समकक्ष जहां तक संभव हो सके, वैसी सड़क का प्लान तो बनाया ही जा सकता है।
बैठक में नगर निगम, यूडीए, यातायात पुलिस, विद्युत निगम, पीएचईडी, परिवहन विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में यह बात भी उठी कि सांसद एवं विधायक स्तर पर राज्य सरकार से समन्वय कर लंबित स्वीकृतियों एवं बजट प्रावधानों को शीघ्र स्वीकृत कराया जाए।
बैठक में सोसायटी सदस्य ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (राजस्थान) के चेयरमैन भगवान सिंह भाटी, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. उमाशंकर शर्मा, सोसायटी के कोषाध्यक्ष नीलेश कारवा, सदस्य निर्मल नागर, गणपत अग्रवाल, दिलीप मिण्डा, भाजपा शहर जिला अध्यक्ष गजपाल सिंह, लघु उद्योग भारती के पूर्व अध्यक्ष मनोज जोशी, प्रताप गौरव शोध केंद्र डॉ. विवेक भटनागर, पूर्व पार्षद देवेंद्र जावलिया, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अजय सिंह आदि उपस्थित थे।
हरित उदयपुर एवं पर्यावरण संरक्षण पर जोर
-बैठक में शहर में लगाए गए कुछ ऐसे वृक्षों की समीक्षा की मांग की गई जिनसे एलर्जी एवं श्वसन संबंधी समस्याओं की आशंका बताई जाती है। सुझाव दिया गया कि शहर में अधिक ऑक्सीजन देने वाले, छायादार एवं पुष्पीय वृक्षों का रोपण किया जाए ताकि उदयपुर की पहचान एक सुंदर एवं हरित पर्यटन नगरी के रूप में और मजबूत हो सके।
अधूरे रिंग रोड कार्य शीघ्र पूरे करने की मांग
-होटल ट्राइडेंट क्षेत्र के निकट अधूरे पड़े रिंग रोड कार्य को शीघ्र पूर्ण कर चालू करने की मांग की गई। बैठक में बताया गया कि उक्त क्षेत्र में प्लास्टिक कचरा एवं गंदगी जमा होने से क्षेत्र की सुंदरता प्रभावित हो रही है। संबंधित विभागों से शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया गया।
वर्षा जल संरक्षण एवं धूल प्रदूषण रोकने के उपाय
-बैठक में सुझाव दिया गया कि सर्विस रोड एवं पार्किंग क्षेत्रों में पर्मिएबल पेवमेंट (जल रिसाव योग्य सतह) का उपयोग किया जाए ताकि वर्षा जल भू-गर्भ में पुनर्भरण हो सके। साथ ही फुटपाथों, सर्विस रोड एवं अनपेव्ड क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित कर धूल प्रदूषण को न्यूनतम किया जाए।
एआई, जीआईएस एवं ड्रोन आधारित निगरानी प्रणाली
-शहर में स्वच्छता, अतिक्रमण, अवैध कचरा निस्तारण एवं सड़क रखरखाव की निगरानी के लिए एआई, जीआईएस एवं ड्रोन आधारित तकनीकों का उपयोग करने का सुझाव दिया गया। इससे समस्याओं की शीघ्र पहचान एवं त्वरित समाधान संभव होगा।
सार्वजनिक पेयजल एवं विश्राम स्थलों की आवश्यकता
-एयरपोर्ट की तर्ज पर प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, पर्यटन क्षेत्रों, झीलों के आसपास, बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन पर निशुल्क शुद्ध पेयजल सुविधाएं विकसित करने तथा बंद पड़े प्याऊ पुनः प्रारंभ करने की मांग की गई। साथ ही पर्यटकों एवं नागरिकों के लिए विश्राम स्थलों का विकास करने का सुझाव भी दिया गया।
रामपुरा-मल्लातलाई-चेतक सर्कल एलिवेटेड रोड पर निर्णय की मांग
-बैठक में रामपुरा, मलातलाई एवं चेतक सर्कल मार्ग पर बढ़ते यातायात दबाव को गंभीर विषय बताया गया। सुझाव दिया गया कि इस मार्ग पर प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना पर शीघ्र निर्णय लिया जाए। यदि आवश्यक हो तो सीमित भूमि अधिग्रहण कर सड़क चौड़ीकरण एवं एलिवेटेड कॉरिडोर विकसित किया जाए ताकि भविष्य के यातायात दबाव का समाधान हो सके।
सार्वजनिक परिवहन को बनाया जाए आधुनिक एवं किफायती
-बैठक में शहर के सार्वजनिक परिवहन तंत्र को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। सुझाव दिया गया कि ई-बस, मिनी बस एवं आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाए ताकि निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो और आम नागरिकों को सस्ती, सुरक्षित एवं सुविधाजनक परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके।
विद्युत अवसंरचना सुदृढ़ करने की मांग
-बैठक में पूर्व अध्यक्ष, जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, श्री बी.एल. खमेसरा द्वारा शहर में नए गैस इंसुलेटेड सब-स्टेशन (जीआईएस सब स्टेशन) एवं ग्रिड अवसंरचना के विस्तार की आवश्यकता पर जोर दिया गया। बताया गया कि उदयपुर की कई विद्युत लाइनें बढ़ते लोड के कारण दबाव में कार्य कर रही हैं। भविष्य की मांग एवं शहर की सुरक्षा को देखते हुए नए सब-जीआईएस स्टेशन स्थापित करना अत्यंत आवश्यक है। उदयपुर में तीन की आवश्यकता है।
Badgaon, Udaipur | Jun 9, 2026