अरवल में दर्दनाक हादसा: नहर में गिरी कार, बिहटा के ऋषांक समेत चार युवकों की मौ/त
मोनु कुमार मिश्रा, बिहटा
अरवल-पटना नहर रोड पर रविवार देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे में चार युवकों की मौ/त हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। तेज रफ्तार कार के अनियंत्रित होकर सोन नहर में गिर जाने से यह हादसा हुआ। मृतकों में बिहटा के अमहारा निवासी ऋषांक सिंह भी शामिल हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और देर रात तक राहत एवं बचाव अभियान चलता रहा।
जानकारी के अनुसार कार में पांच युवक सवार थे। सभी किसी काम से अरवल आए थे और देर रात पटना लौट रहे थे। इसी दौरान गांधी मैदान के समीप मोड़ पर चालक वाहन से संतुलन खो बैठा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार की रफ्तार काफी तेज थी। नियंत्रण बिगड़ते ही कार सीधे नहर में जा गिरी और कुछ ही सेकेंड में पानी में डूब गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह पानी में समा चुकी थी। बाद में गोताखोरों, क्रेन और हाइड्रा मशीन की मदद से कार को बाहर निकाला गया। कार के अंदर फंसे चार युवकों को बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। घायल चालक रोहित कुमार को स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
मृ/तकों की पहचान रानीतालाब थाना क्षेत्र के कनपा निवासी मनोज कुमार, बिहटा के अमहारा निवासी ऋषांक सिंह, कंकड़बाग निवासी अमन कुमार तथा एक अन्य युवक के रूप में हुई है। पुलिस चौथे मृतक की पहचान करने और मामले की अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार नहर में गिरने के बाद उसके दरवाजे और खिड़कियां नहीं खुल सकीं। पानी का दबाव बढ़ने के कारण अंदर बैठे युवक बाहर नहीं निकल सके। आशंका जताई जा रही है कि दम घुटने और डूबने से चारों की मौ/त हुई।
सदर थाना पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन से नियंत्रण खोना दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है।
पिता के बाद समाज सेवा की राह पर चला था ऋषांक, हादसे ने बुझा दिया घर का इकलौता चिराग
अरवल सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अमहारा निवासी ऋषांक सिंह की मौ/त से पूरे गांव में शोक की लहर है। ऋषांक अपने परिवार का इकलौता पुत्र था। कुछ वर्ष पहले ही उसके पिता और किसान आंदोलन से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता त्र्यंबक राज का नि/धन हो गया था। पिता के बाद परिवार और समाज की जिम्मेदारियों को ऋषांक ही संभाल रहा था।
सोमवार सुबह जैसे ही ऋषांक की मौ/त की खबर गांव पहुंची, पूरे अमहारा में मातम छा गया। घर पर लोगों की भीड़ जुट गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां की चीख-पुकार से माहौल गमगीन बना हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि त्र्यंबक राज किसान आंदोलन और सामाजिक सरोकारों से जुड़े एक सक्रिय चेहरा थे। उनके निधन के बाद ऋषांक ने भी समाज सेवा का रास्ता चुना और पिता के अधूरे सपनों को आगे बढ़ाने में जुट गया था। गांव के सुख-दुख में हमेशा साथ रहने वाला ऋषांक युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय था।
ग्रामीणों का कहना है कि एक सड़क हादसे ने परिवार की सारी उम्मीदें छीन लीं। पहले पिता और अब इकलौते बेटे की मौ/त ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। अमहारा गांव में हर आंख नम है और हर जुबान पर ऋषांक की चर्चा है। लोगों का कहना है कि यह केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे गांव की अपूरणीय क्षति है।
Fatehpur, Gaya | Jun 8, 2026